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अंशिका सिंह फायरिंग केस: पुलिस की जांच में खुले कई राज, जेल में फूट-फूट कर रोई

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युवक को गोली मारने वाली आरोपिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सौ. पुलिस



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सिंघड़िया मॉडल शॉप के पास अस्पताल मैनेजर के चालक को गोली मारने की आरोपित अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा के मोबाइल फोन के साथ ही पुलिस बैंक खातों की भी गहन जांच पड़ताल कर रही है। घटना में शामिल रहे देवरिया के हिस्ट्रीशीटर व उसके तीन साथियों की तलाश में कैेंट थाना पुलिस छापेमारी कर रही है।

पुलिस की माने तो अंशिका के बैंक खातों में आए हर ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि पैसे किन-किन लोगों से आए, कितनी रकम आयी और किस उद्देश्य से दी गई। जिन खातों से रकम ट्रांसफर हुई है, उनके खाताधारकों से पूछताछ की तैयारी है।

पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह रकम दबाव, धमकी या ब्लैकमेलिंग के जरिए तो नहीं वसूली गई।डिजिटल जांच में अंशिका के वाट्सएप चैट, काॅल डिटेल और वीडियो काल के अहम साक्ष्य मिले हैं। शुरुआती पड़ताल में एक सीओ समेत करीब 15 पुलिसकर्मियों से संपर्क के डिजिटल प्रमाण सामने आए हैं।

पुलिस इन साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि संपर्क सामान्य था या इसके पीछे कोई अनुचित उद्देश्य, इसकी अलग से जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ होगी। उसने कई पुलिसकर्मियों और नेताओं के साथ रील बनाए थे।

इन वीडियो और पोस्ट को पुलिस ने सुरक्षित कर लिया है। अब यह जांच की जा रही है कि इन संपर्कों का इस्तेमाल केवल इंटरनेट मीडिया तक सीमित था या फिर किसी तरह के दबाव और लाभ के लिए किया गया। देवरिया जिले के बरहज का रहने वाला आकाश वर्मा उर्फ बंटी व उसके तीन साथियों जिनको वह मामा, गबरू और शिवम नाम से बुलाता था उनकी तलाश चल रही है।

पुलिस का मानना है कि बंटी के पकड़े जाने के बाद पूरे गिरोह की तस्वीर साफ हो सकेगी। उधर, गोली लगने से घायल सूबा बाजार निवासी अमिताभ की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि बैंक ट्रेल, डिजिटल साक्ष्य और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सिंघड़िया फायरिंग कांड का पूरा नेटवर्क बेनकाब किया जाएगा।

यह है मामला
20 जनवरी को जंगल सिकरी का रहने वाला विशाल मिश्रा अपने चालक अमिताभ व सहयोगी शैलेश के साथ सिंघड़िया माडल शाप पर पहुंचा था। आरोप है कि कुछ देर बाद हरपुर बुदहट के झुड़िया बाबू गांव की रहने वाला अंशिका सिंह अपने साथी बंटी वर्मा व चार अन्य के साथ पहुंची। विशाल का आरोप है कि झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर अंशिका उससे 50 हजार रुपये मांग रही थी।

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वह 20 हजार रुपये लेकर आया था। इससे पहले भी 12 हजार रुपये दे चुका था। रुपये कम होने पर उसने मारपीट करने के साथ ही पिस्टल से गोली चला दी तो अमिताभ के पेट में जा लगी। स्थानीय लोगों की मदद से विशाल ने अंशिका को पकड़ लिया। कैंट पुलिस ने आरोपितों पर रंगदारी मांगने,हत्या की कोशिश करने,धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है।

जेल में फूटकर रोई,बोली-साथी ने चलाई गोली

रंगदारी फायरिंग मामले में जेल भेजी गई अंशिका सिंह ने जेल में भावुक होकर खुद को निर्दोष बताया है। सूत्रों के अनुसार अंशिका ने रोते हुए दावा किया कि गोली उसने नहीं, बल्कि उसके साथी ने चलाई थी। इस बयान के बाद जेल प्रशासन ने उसे विशेष निगरानी में रख दिया है। जेल अधिकारियों ने बताया कि अंशिका की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उससे मिलने आने वालों की सघन जांच की जा रही है और मुलाकातों का पूरा रिकार्ड रखा जा रहा है, ताकि किसी तरह की साजिश या दबाव की आशंका न रहे। सुरक्षा कारणों से उसके बैरक और दिनचर्या पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। इधर, पुलिस अंशिका के दावे की तस्दीक में जुटी है।
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