पूर्णिया : पति की मृत्य पर शोक में बोलीं पत्नी, इनके आंखों को मैं जलने नहीं दूंगी, फिर कर दिया यह काम
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/23/article/image/Purnia-Wife-donates-husband\“s-eyes-after-his-death-1769121449182_m.webpपूर्णिया में पति की मौत के बाद पत्नी ने उनके दोनों नेत्रों को दान कराया
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। : पति की मृत्यु के साथ पत्नी के भी प्राण त्यागने की खबर तो अपने सुनी और पढ़ी होगी। लेकिन पति की मृत्यु के बाद उनके दोनों आंखों का दान करवाने के लिए यह कहते नहीं सुना और पढ़ा होगा कि ‘मेरे पति के दोनों नेत्रों का दान कर दो, इससे मुझे ज्यादा खुशी होगी। दरअसल, गुरुवार को शहर के मिलन पारा स्टेशन रोड खुश्कीबाग में निभा देवी के पति देवनारायण महतो का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे बीते 15 दिनों से बीमार चल रहे थे।
[*]पति की मृत्य पर पत्नी ने कराई दोंनों आंखें दान
[*]बोलीं नेत्रदान कर, मुझे ज्यादा खुशी होगी
[*]दधीचि देहदान समिति ने बीते दो दिनों में कराया दो नेत्रदान
उनकी मृत्यु के उपरांत निभा देवी अपने मृत पति का नेत्रदान कराने के लिए आगे आईं और अपने पुत्र अमित को दधीचि देहदान से संपर्क कर नेत्रदान कराने को कहा। इस पर उनके कुछ घर वाले असहज हुए। लेकिन निभा देवी ने फख्र के साथ कहा कि उनके पति की आंखों दान होने पर उन्हें बहुत हर्ष होगा। इसके बाद अमित ने डॉ. अनिल कुमार गुप्ता और रवीन्द्र साह और उनकी टीम से संपर्क किया। जिसके बाद देवनारायण महतो का नेत्रदान कराया जा सका। बता दें कि देवनारायण महतो जिले के 18 वें नेत्रदान हैं।
गड़बनैली में सेवानिवृत शिक्षक ने कराया नेत्रदान
देवनारायण महतो का नेत्रदान करने से पहले बुधवार को दधीचि देहदान समिति ने गड़बनैली के सौंपा गांव में एक सेवानिवृत शिक्षक का मृत्यु के उपरांत नेत्रदान कराया। सनद रहे कि 21 जनवरी को सौंपा में शिक्षक अखिलेश आनंद के पिता सेवानिवृत शिक्षक अंचित लाल दास का 89 साल की आयु में निधन हो गया। उनके निधन के बाद उनके बेटे अखिलेश आनंद ने पिता के नेत्रों का दान कराया।
ज्ञात हो कि दोनों की मृतकों का नेत्रदान कटिहार मेडिकल कालेज से आई टीम ने कराया। नेत्रदान करने वाली टीम में डा. अभिनव डा. अभिषेक, डा. ईरा, डा. शुभम, डा. शमा, डा. आतिफ, डा. अविनाश, डा. फरहिना शामिल थे। इधर, दोनों बुजुर्गों की मृत्यु पर दधीचि देहदान समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष डा. अनिल कुमार गुप्ता, हीना सईद, रवींद्र साह और ग्रीन पूर्णिया संस्था के सदस्यों ने शोक और उनके नेत्र कराने पर आभार जताया है।
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