सीसीआई की जांच पर एपल की दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती, कहा-अवैधानिक दंड में भाग लेने को मजबूर न किया जाए
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/23/article/image/apple-logo-1769114530866_m.webpटेक कंपनी एपल ने दिल्ली हाईकाेर्ट में प्रत्युत्तर दाखिल किया है। प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कई सालों के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट पेश करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर टेक कंपनी एपल ने दिल्ली हाईकाेर्ट में प्रत्युत्तर दाखिल किया है। एप स्टोर पर अपनी स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के आरोपों को लेकर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की जांच का सामना कर रही एपल ने अदालत के समक्ष कहा कि कंपनी को अवैधानिक दंड व्यवस्था में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
एपल ने कहा कि अगर सीसीआई द्वारा उस पर कोई ऐसा अन्यायपूर्ण जुर्माना लगाया जाता है, तो नेशनल कंपनी लाॅ अपीलेट ट्रिब्यूनल से संपर्क करने की अनुमति देने का मतलब होगा कि संवैधानिक नुकसान पहले ही हो चुका है। एपल ने कंपनी के ग्लोबल टर्नओवर के आधार पर पेनल्टी लगाने की सीसीआई को अनुमति देने संबंधी काॅम्पिटिशन एक्ट-2002 में हुए बदलाव को भी चुनौती दी है।
अमेरिका स्थित कंपनी ने आश्वासन दिया कि उसका इरादा सीसीआई के सामने चल रही कार्यवाही में देरी करना या उसे रोकना नहीं था, लेकिन उसे पहले परिणाम भुगतने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। सीसीआई के देरी के आरोपों का खंडन करते हुए एपल ने यह भी कहा कि रिकार्ड जांच प्रक्रिया में उसने सहयोग किया है।
एपल ने सीसीआई अधिनियम-2002 में संशोधन को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की है, जोकि सीसीआई को किसी कंपनी के ग्लोबल टर्नओवर के आधार पर जुर्माना लगाने की अनुमति देता है। इसने कई सालों के लिए फर्म के ऑडिटेड वित्तीय विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश को भी चुनौती दी।
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