सारंडा में माओवादियों की अंतिम लड़ाई! एक-एक करोड़ के मारे गए 6 इनामी नक्सली, दो अब भी गिरफ्त से बाहर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/naxal_encounter_photo-1769105769488_m.webpसांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में माओवादियों के विरुद्ध झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन व झारखंड जगुआर का संयुक्त अभियान जारी है। झारखंड पुलिस का दावा है कि सारंडा माओवादियों से खाली होते ही पूरा झारखंड माओवादियों से खाली हो जाएगा।
यहां झारखंड पुलिस की माओवादियों के विरुद्ध अंतिम लड़ाई चल रही है। झारखंड पुलिस ने अब तक एक-एक करोड़ के छह माओवादी से झारखंड के जंगल को खाली करवा लिया है। अब भी एक-एक करोड़ रुपये के दो इनामी माओवादी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनके भी सारंडा में घिरे होने की सूचना सुरक्षा बलों तक पहुंची है।
झारखंड में सबसे पहले माओवादियों के गढ़ रहे बूढ़ा पहाड़ पर कुख्यात माओवादी एक करोड़ के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य कुख्यात अरविंद की बीमारी से मौत हो गई थी। अरविंद की मौत के बाद सुधाकर ने उक्त क्षेत्र में माओवादियों का नेतृत्व करना शुरू किया। उसपर भी राज्य सरकार ने एक करोड़ का इनाम रखा। वह माओवादियों के सेंट्रल कमेटी का सदस्य था।
झारखंड में चल रहे माओवादी विरोधी अभियान के दौरान खुद को घिरता देख सुधाकर झारखंड से भागकर तेलंगाना पहुंचा। उसने तेलंगाना सरकार के सामने 11 फरवरी 2019 को अपनी पत्नी नीलिमा के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद 14 नवंबर 2021 को झारखंड पुलिस ने सरायकेला-खरसांवा में एक करोड़ के इनामी माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किसन व उसकी पत्नी 25 लाख की इनामी शीला मरांडी को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को एक करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक मुठभेड़ में मारा गया था। पांच महीने बाद ही 15 सितंबर 2025 को हजारीबाग गिरहोर थाना क्षेत्र स्थित पनतीतरी जंगल में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य अनुज उर्फ सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश उर्फ अमलेश मारा गया था।
अब 22 जनवरी 2026 को पश्चिमी सिंहभूम के छोटानागरा थाना क्षेत्र में सेंट्रल कमेटी सदस्य अनल उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश मारा गया है।
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