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UP GST Action: बरेली में मीट माफियाओं पर शिकंजा, 26 घंटे की मैराथन छापेमारी में पकड़ी गई करोड़ों की टैक्स चोरी

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छापेमारी के दौरान मौजूद जीएसटी की टीम



जागरण संवाददाता, बरेली। शाहजहांपुर रोड पर नरियावल में मारिया फ्रोजन और रहबर फूड्स मीट फैक्ट्रियों में जीएसटी की एसआइबी (विशेष अनुसंधान शाखा) की जांच 26 घंटे से अधिक समय तक चली। गुरुवार शाम पांच बजे के बाद टीमें दोनों फैक्ट्रियों से बाहर निकलीं। जीएसटी विभाग ने कई सौ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी है।

दोनों फैक्ट्री के संचालकों ने एक करोड़ रुपये का जीएसटी भी जमा कर दिया। अब विभाग फैक्ट्री से लिए गए दस्तावेजों का स्टाक से मिलान करेगा। इसके बाद प्राथमिक तौर पर पता चलेगा कि कितने करोड़ की जीएसटी फैक्ट्रियों पर बनती है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नरियावल में स्थित दोनों फैक्ट्रियों पर बुधवार दोपहर करीब तीन बजे एसआइबी की टीम डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह और रोहित मालवीय की अगुआई में 10 असिस्टेंट कमिश्नर और 15 स्टेट टैक्स अधिकारियों के साथ दोनों फैक्ट्रियों में छापा मारा था। टीम में 20 पुलिसकर्मी भी शामिल थे। टीमों ने दोनों फैक्ट्रियों को मेन गेट बंदकर अपने नियंत्रण में ले लिया और फैक्ट्रियों में अंदर आने और जाने पर रोक लगा दी थी।

जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने सबसे पहले दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। इनमें जानवरों की खरीद और मांस की सप्लाई के बिल भी शामिल थे। टीम ने लेबर, अकाउंट और एंट्री सेक्शन के सभी दस्तावेजों की जांच की। टीम ने बैंक खातों की भी जानकारी ली। इसके अलावा फैक्ट्रियों में मौजूद जानवरों की संख्या, वहां मौजूद कर्मचारियों और वाहनों की संख्या की गिनती की।

जो भी मांस पैक हो रखा था, उनके पैकेट भी गिने। पहले लग रहा था कि जांच रात में समाप्त हो सकती है लेकिन फैक्ट्रियां बड़ी होने और जानवरों व कर्मचारियों की संख्या अधिक होने से गिनती में काफी समय लगा। इसके अलावा दस्तावेजों की जांच में भी काफी समय लगा। इसकी वजह से जांच गुरुवार शाम पांच बजे के बाद समाप्त हुई और टीमें फैक्ट्रियों से बाहर आईं।
एक करोड़ जमा करने के बाद भी छापा रहा जारी

टीमों की छापेमारी के दौरान ही दोनों फैक्ट्रियों के संचालकों ने एक करोड़ रुपये का जीएसटी जमा कर दिया, हालांकि इसके बावजूद छापा जारी रहा। एक साथ टैक्स की इतनी बड़ी रकम जमा करने से साफ है कि कहीं न कहीं टैक्स की चोरी की जा रही थी। एसआइबी की जांच में सामने आया है कि बिलों में गड़बड़ी की गई है। फर्जी बिल भी बनाए गए हैं। अनुमान है कि करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी की गई है।

अब कितने करोड़ की टैक्स चोरी की गई है, इसका पता फैक्ट्रियों में छापेमारी के दौरान मिले स्टाक और फैक्ट्री के दस्तावेजों से मिलान के बाद ही चल सकेगा। शुरुआती जांच में दो से तीन दिन लग सकते हैं। इसके बाद जांच आगे भी जारी रहेगी। जांच पूरी होने के बाद ही विभाग दोनों फैक्ट्रियों पर आगे की कार्रवाई करेगा।




दोनों फैक्ट्रियों में एसआइबी की टीमों ने कई घंटे तक जांच की। इस दौरान कई करोड़ रुपये के टैक्स चोरी का पता चला है। दोनों फैक्ट्री संचालकों ने एक करोड़ रुपये का जीएसटी जमा किया है। दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

- आशीष निरंजन, अपर आयुक्त, राज्य कर विभाग





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