14 साल की किशोरी से दुष्कर्म के दोषी जीजा-साले को 20 साल का कठोर कारावास, सहयोगी को पांच साल की कैद
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/court-R-1769080202945.webpजागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। किशोरी से दुष्कर्म के दोषी जीजा-साले को न्यायालय ने 20 वर्ष के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपितों के एक साथी को पांच वर्ष की सजा और दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
युवक ने किशोरी को बागपत जिले के गांव में अपने बहनोई के घर पर तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा था, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। न्यायालय ने सजा के दौरान मामले में टिप्पणी भी की है।
डीजीसी राजीव शर्मा, एडीजीसी प्रदीप बालियान व दिनेश कुमार के मुताबिक फुगाना थाना के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 11 जुलाई-2023 को दर्ज कराए मुकदमे में बताया था कि उसकी 14 वर्षीय बेटी को बालेंद्र सिंह अपने साथी प्रेम निवासी गांव डूंगर के संग मिलकर बहलाकर ले गया था।
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बालेंद्र ने डरा-धमकाकर उसके साथ कोर्ट मैरिज की थी। इसके बाद बागपत जिले के गांव बरवाला ले गए। यहां पर बालेंद्र ने अपने बहनोई हजारी के घर पर तीन दिन तक किशोरी को बंधक बनाकर रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट) की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया के न्यायालय में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। बुधवार को न्यायालय ने सुनवाई के बाद दोषी बालेंद्र, उसके जीजा हजारी को 20 वर्ष की कठोर सजा के साथ 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। प्रेम को पांच वर्ष की सजा और दो हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
मामा के घर पहुंची थी पीड़िता
डीजीसी के अनुसार पीड़िता ने न्यायालय में दिए बयान में कहा कि वह आरोपितों के चंगुल से छूटकर किसी तरह टेंपो में सवार होकर अपने मामा के घर पहुंची थी। यहां से नानी के साथ अपने घर पहुंची। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराया था।
नाबालिग को लगा मानसिक आघात
न्यायालय ने सजा के आदेश में टिप्पणी की कि दंड सुधारात्मक होने के साथ-साथ समाज में निवारक अर्थात अनुचित को रोकने वाला भी होना चाहिए। इस मामले में अपराध की गंभीरता और एक नाबालिग पर पड़े मनोवैज्ञानिक आघात को ध्यान में रखकर दंड न्याय के हित में होगा।
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