लद्दाख में सेना की पहल, सीमांत बच्चों को देश की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराने को राष्ट्रीय एकता यात्रा पर भेजा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/army-rashtriya-ekta-yatra-1769071343729.webpयह \“ऑपरेशन सद्भावना\“ के तहत बच्चों को देश के विकास और विविध परंपराओं से जोड़ने का एक प्रयास है।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चांगथांग क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थी सेना की राष्ट्रीय एकता यात्रा में देश की समृद्ध, विविध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होंगे।
सीमांत क्षेत्रों के बच्चों का दल दिल्ली व आगरा का दौरा करने के लिए लेह से रवाना हो गया। लेह के कियारी मिलिट्री स्टेशन से अल्टीमेट फोर्स के जीओसी ने दल को आठ दिवसीय राष्ट्रीय एकता यात्रा के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दस दिनों के अंदर लेह के स्कूली बच्चों के लिए सेना का यह दूसरा अभियान है। लेह जिले के लिकिर, बसगो गांवों के विद्यार्थियों का दल राष्ट्रीय एकता यात्रा में हिस्सा लेकर बुधवार को ही लेह लौटा है।
आठ दिवसीय यात्रा के दौरान लद्दाख के विद्यार्थियों के दल को ऐतिहासिक व सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण नेशनल वार मेमोरियल, कुतुब मीनार, अक्षरधाम मंदिर, लोटस टेंपल व ताजमहल देखने का मौका मिलेगा। सेना द्वारा आयोजित की जा रही यह राष्ट्रीय एकता यात्रा लद्दाखी बच्चों को दिल्ली व आगरा में समृद्ध व विविध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का एक अनूठा अवसर देगी।
आपरेशन सद्भावना के तहत लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों के बच्चों को देश के विभिन्न हिस्सों के ले जाकर उन्हें अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। लेह जिले के लिकिर व बसगो गांवों से राष्ट्रीय एकता यात्रा में हिस्सा लेकर लौटे विद्यार्थियों व शिक्षकों का बुधवार को लेह में स्वागत किया गया।
दल के सदस्यों ने आठ दिवसीय यात्रा के दौरान चंडीगढ़ में सुखना लेक, पंजाब के अमृतसर में गोल्डन टेंपल, बाघा बार्डर व हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, एचपीसीए स्टेडियम का दौरा किया। इस दौरान उन्हें कई गणमान्य लोगों से मिलने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
यात्रा से उत्साहित लद्दाखी बच्चों के दल ने लेह लौटने पर सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे विकास को देखकर बहुत प्रभावित हुए हैं। इस यात्रा को अनुभव जीवन बदलने वाला है।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें लद्दाख से बाहर भारत की विविध संस्कृति व जीवंत परंपराओं को करीब से देखने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना की यह पहल दूरदराज व सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं में राष्ट्रीय एकता, आपसी समझ व देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Pages:
[1]