बरी होने के बाद भी सलाखों के पीछे रहेंगे सज्जन कुमार, एक फैसले से नहीं बदलेगी किस्मत; क्या कहता है कानून?
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/sajjan-kumar-1769065656879.webpबेल मिलने के बाद भी जेल में ही रहेंगे सज्जन कुमार। फाइल फोटो
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में सज्जन कुमार को हाल ही में अदालत से राहत मिली है। कोर्ट ने विकासपुरी-जनकपुरी इलाके से जुड़े एक केस में उन्हें बरी कर दिया। इस फैसले के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या अब वह जेल से बाहर आ जाएंगे। इसका जवाब है \“नहीं\“।
दरअसल, जिस मामले में उन्हें राहत मिली है, वह उन पर दर्ज कई मामलों में से एक था। अदालत ने इस केस में सबूतों को पर्याप्त नहीं माना और उन्हें दोषमुक्त कर दिया। हालांकि, इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि वह रिहा हो जाएंगे।
क्यों नहीं होंगे रिहा
सज्जन कुमार पहले से ही 1984 दंगों के एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें दिल्ली कैंट और पालम कॉलोनी क्षेत्र में पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाने के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद सुनाई थी।
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यही सजा फिलहाल उनके जेल में रहने की मुख्य वजह है। इसके अलावा 1 नवंबर 1984 को सरस्वती विहार में सरदार जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या केएक और मामले में भी उन्हें उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।
क्या कहता है कानून?
कानूनी प्रक्रिया के तहत अगर किसी व्यक्ति को एक केस में जमानत या बरी कर दिया जाता है, लेकिन वह किसी दूसरे मामले में सजा काट रहा हो, तो उसे रिहा नहीं किया जाता। सज्जन कुमार के साथ भी यही स्थिति है।
यानी साफ है कि एक मामले में मिली राहत के बावजूद उनकी रिहाई संभव नहीं है, क्योंकि दूसरे मामलों में मिली उम्रकैद की सजा अभी भी प्रभावी है। जब तक हाई कोर्ट से उस सजा पर कोई अलग फैसला नहीं आता, तब तक उन्हें जेल में ही रहना होगा।
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