6 करोड़ थी सैलरी, पत्नी ने तलाक दे मांग लिया 15 लाख का मासिक गुजारा भत्ता; पति ने छोड़ी नौकरी तो कोर्ट ने...!
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/husband-wife-discpute-1769066178490.webp6 करोड़ थी सैलरी, पत्नी ने तलाक दे मांग लिया 15 लाख का मासिक गुजारा भत्ता; पति ने छोड़ी नौकरी तो कोर्ट ने...!
नई दिल्ली। आज के समय में अगर पति-पत्नी के बीच तलाक होता है तो अधिकतर केसों में पति को गुजारा भत्ता देना पड़ता है। अगर वह गुजारा भत्ता देने में फेल हो जाता है तो कोर्ट भी उसके खिलाफ ही चली जाती है। आज हम पैसों से जुड़ी एक ही ऐसी ही कहानी लेकर आए हैं। यह कहानी एक ऐसे आदमी की जो कभी 6 करोड़ रुपये की सैलरी पाता था। उसका उसकी पत्नी से विवाद हुआ फिर दोनों अलग रहने लगे।
पति कुछ दिनों तक पत्नी को हर महीने 15 लाख रुपये का मासिक गुजारा भत्ता देता रहा। लेकिन उसने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देते ही उसने गुजारा भत्ता देने से मना कर दिया। मामला कोर्ट पहुंचा और अब अदालत ने ऐसा फैसला सुनाया कि आप भी चकित रह जाएंगे। आइए विस्तार से पूरी कहानी जानते हैं।
पत्नी को छोड़ दूसरी महिला के साथ रहने लगा पति
यह पूरी कहानी शुरू होती है सिंगापुर से। कनाडा का रहने वाला एक आदमी सिंगापुर में रहकर नौकरी करता था। पति-पत्नी 2013 में अपने 4 बच्चों के साथ सिंगापुर में शिफ्ट हुए थे।
आदमी एक मल्टीनेशनल कंपनी के सिंगापुर ऑफिस में सीनियर एग्जीक्यूटिव था, और उसे अच्छी सैलरी मिलती थी। 2023 में उसकी सालाना इनकम S$860,000 से ज्यादा थी। भारतीय रुपयों में यह करीब 6,13,41,727 रुपये होगी।
मदरशिप की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2023 में, आदमी अपनी पत्नी को छोड़कर दूसरी महिला के साथ रहने लगा। वह पहली पत्नी को हर महीने S$20,000 (₹15.5 लाख) मेंटेनेंस देने का ऑफर दिया था, साथ ही किराया, स्कूल फीस और स्कूल ट्रांसपोर्ट का खर्च भी उठाने को कहा था।
हालांकि, बाद बाद में यह ऑफर घटाकर हर महीने S$11,000 कर दिया गया, जो लगभग ₹7.7 लाख है। इसके बाद पत्नी ने कोर्ट का रुख किया। महिला ने 2 अक्टूबर, 2023 को वीमेन चार्टर के तहत खुद और बच्चों के लिए मेंटेनेंस की मांग करते हुए एक एप्लीकेशन फाइल की। उसने तर्क दिया कि पति ने परिवार का घर छोड़ने के बाद उसे उचित सपोर्ट नहीं दिया।
पति ने छोड़ दी नौकरी और लौट गया अपने देश
पत्नी ने जब पति के खिलाफ मेंटेनेंस एप्लीकेशन फाइल की तो उसके कुछ दिनों बाद ही पति ने इस्तीफा दे दिया। 9 अक्टूबर 2023 को उसने नौकरी से इस्तीफा दिया और जनवरी 2024 में वह अपने देश वापस यानी कनाडा चला गया। इसके बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर दिया लेकिन बाद में जब वह वर्चुअली रूप से सुनवाई में शामिल हुआ तो वारंट रद्द हो गया।
पत्नी ने लगा दी तलाक की अर्जी
पति-पत्नी ने अभी तक एक दूसरे को तलाक नहीं दिया था। लेकिन अप्रैल 2024 में पत्नी ने अदालत में तलाक की अर्जी लगा दी। पति ने तर्क दिया कि उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ नेगेटिव फैलाई थी जिसके चलते उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। हालांकि, कोर्ट ने उसके इस तर्क को नकार दिया।
नौकरी मिली तो कोर्ट ने सुना दिया ये फरमान
अक्टूबर 2023 से आदमी ने अपनी औरत को गुजारा भत्ता नहीं दिया था। उसने अक्टूबर 2024 में कनाडा में नई नौकरी शुरू की। कोर्ट में सुनवाई होते-होते जनवरी 2026 तक पहुंच गया। अब कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और कहा किसितंबर 2023 से सितंबर 2025 तक की कुल मेंटेनेंस राशि S$788,300 बनती है। भारतीय रुपयों में लगभग 5 करोड़ रुपये।
यानी आदमी को अब अपनी पूर्व पत्नी को 5 करोड़ रुपये देने हैं। हालांकि, उसने पहले ही S$154,383.81 दे दिए थे। भारतीय रुपयों में करीब 1 करोड़ रुपये। अब भी उसे अपनी पत्नी को 4 करोड़ रुपये देने है।
आदमी ने खटखटाया ऊपरी अदालत का दरवाजा
हालांकि, आदमी ने अपनी पत्नी द्वारा दायर की गईमेंटेनेंस के फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया है।अपील का नतीजा आने तक एक साथ पेमेंट करने के आदेश पर रोक लगा दी गई है। यानी अभी उसे निचली अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले के अनुसार अपनी पत्नी को पैसे नहीं देने है। ऊपरी अदालत का आदेश आने तक इस पर रोक लगी है।
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