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किश्‍तवाड़ मुठभेड़ में बलिदानी उत्तराखंड के बेटे के गांव नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि और अफसर, लोगों में रोष

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बलिदानी गजेंद्र सिंह के गांव वीथी गैनाड़ नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि और अफसर।



जागरण संवाददाता, बागेश्वर। वीथी गैनाड़ निवासी बलिदानी गजेंद्र सिंह गढ़िया के अंतिम संस्कार के बाद दूसरे दिन बुधवार को भी गांव में शोक का माहौल बना रहा। उनके चाचा नवीन अंतिम संस्कार के बाद संस्कार यानी स्थानीय बोली में कोड़े पर बैठे। इस दौरान गांव में कोई भी जनप्रतिनिधि या अफसर नहीं पहुंचा। सिर्फ गांव के लोग ही आगे आकर बलिदानी की माता चंद्रा गढ़िया, पत्नी लीला, पिता धन सिंह अन्य स्वजन को सांत्वना देने में जुटे रहे।

गांव के लोग अपने लाल के आतंकी हमले में एकाएक बलिदान होने से गहरे दु:ख में डूबे हैं। हर आंख नम है और पूरे गांव में शोक की लहर है। वहीं ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से गांव तक सड़क निर्माण शीघ्र कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि आज भी गांव में कई मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं, जिन्हें जल्द उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

इधर कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष दीपक गढि़या सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने बलिदानी गजेंद्र सिंह के नाम निर्माणाधीन सड़क का नामकरण करने की मांग की है। उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों का कहना है कि बलिदानी के सम्मान में गांव के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि मिल सके।

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