वाराणसी में रिटायर्ड रेलकर्मी को डिजिटल अरेस्ट कर 23 लाख की साइबर ठगी, मनी लांड्रिंग में शामिल होने बताकर दिखाया गिरफ्तारी का डर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/cyber_Crime-1769055326626.webpतस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, वाराणसी। गिरफ्तार की डर दिखाकर साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त रेलकर्मी रघुनंदन प्रसाद को डिजिटल अरेस्ट करके 23 लाख की ठगी की। इस मामले में सिगरा थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस साइबर ठगों के कुछ बैंक खाते फ्रीज करके रुपये वापस कराने का प्रयास कर रही हैं।
पुलिस को दी गई तहरीर में चंदुआ छित्तूपुर स्थित मेडिकल कालोनी निवासी चिकित्सक डॉ चंदन किशोर पुलिस को बताया कि उनके पिता के मोबाइल पर बीते 25 दिसंबर को काल आई। काल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया।
जानकारी दिया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके मोबाइल नंबर लिया गया है। उस मोबाइल नंबर के जरिए मनी लाड्रिंग की गई है। काल करने वाले ने एक के बाद एक कई लोगों से बात कराया जिन्हें वह सीनियर अधिकारी बता रहा था। वीडियो काल भी किया जिसमें वह पुलिस अधिकारी की पोशाक में था।
इस तरह साइबर ठगों ने रघुनंदन प्रसाद को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। उनके बैंक खातों में मौजूद रुपयों की जांच करने के लिए उनके बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए कहा। उन्हें डराने के लिए एफआइआर की कापी भेजा और जज बनकर भी बात किया।
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डर की वजह से रघुनंदन प्रसाद ने बैंक आफ इंडिया की लहरतारा शाखा के अपने बैंक खाते से 23 लाख रुपये साइबर ठगों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया। उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखकर स्वजन को संदेह हुआ। पूछताछ करने पर उन्होंने पूरे मामले की जानकारी दी तो ठगी का पता चल सका। 26 दिसंबर को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की गई।
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