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कफ सीरप तस्करी का खेल 100 करोड़ का निकला, 12 आरोपितों पर चार्जशीट दायर करने की तैयारी

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कफ सीरप तस्करी मामले में 100 करोड़ से ज्यादा का फर्जीवाड़ा मिला है।



जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कफ सीरप तस्करी की जांच कर रही क्राइम ब्रांच को गाजियाबाद से जुड़े आरोपितों की जांच में 100 करोड़ से ज्यादा का फर्जीवाड़ा मिला है। पुलिस शीघ्र 12 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी। इस केस में 18 आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज है।

पुलिस ने तीन नवंबर को मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम में छापा मारकर चार ट्रक से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए की कफ सीरप बरामद करते हुए आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को भी पुलिस ने एक अन्य फरार आरोपित भोपाल के कटारा हिल्स निवासी कमल मौर्य को गिरफ्तार किया है। कमल तस्करी के लिए ट्रकों की व्यवस्था करता था।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि कुल नौ फर्मों के जरिए आरोपित कफ सीरप तस्करी कर रहे थे। जिन फर्मों से खरीद-बिक्री दिखाई गई वह कागजों में चलती पाई गईं। मौके पर उनका अस्तित्व नहीं पाया गया। इन्हीं फर्मों पर करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार बीते कुछ वर्षों में होना पाया गया है।

पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बांग्लादेश आपूर्ति किए जाने का दावा किया था। करीब दो महीने की जांच में पुलिस बांग्लादेश का कनेक्शन नहीं निकाल पाई है। पुलिस का कहना है कि त्रिपुरा का कनेक्शन ही मिल पाया है। क्योंकि 31 दिसंबर को गिरफ्तार हुए हरदोई निवासी दीप प्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया था।

2024-25 में दीप प्रकाश गुप्ता की डीपी एंटरप्राइजेज, साैरभ त्यागी की आरएस फार्मा, विशाल उपाध्याय की वान्या एंटरप्राइजेज के बीच करीब पांच करोड़ रुपये की संदिग्ध बिलिंग और नकद लेनदेन सामने आया। उसकी फर्म के नाम पर बिल काटकर सीरप की सप्लाई दिखाई जाती थी, जबकि माल की तस्करी रेलगाड़ी से की जा रही थी।

17 अक्टूबर को यही खेप अगरतला जीआरपी द्वारा पकड़ी भी गई थी। तीन नवंबर को गिरफ्तार आठ आरोपितों के अलावा पुलिस दीप प्रकश गुप्ता, बुधवार को गिरफ्तार किए गए कमल मौर्य समेत अभिषेक शर्मा और विभोर राणा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर रही है।

इस मामले में दो आरोपित शुभम और आसिफ के विदेश में होने के कारण उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किए गए हैं। विशाल उपाध्याय की गिरफ्तारी पर उच्च न्यायालय से स्टे है। जबकि वसीम और सोनू की भूमिका की जांच जारी है। अन्य आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
पुलिस ने इन लोगों को किया था गिरफ्तार

तीन नवंबर को पुलिस ने मकनपुर निवासी सौरव त्यागी, कैला भट्ठा निवासी शादाब, कनावनी निवासी शिवाकांत उर्फ शिव, भट्ठा नंबर पांच निवासी संतोष भड़ाना, मेरठ के दौराला निवासी अंबुज कुमार, सुल्तानपुर के गांव शेषपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार, मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ निवासी दीपू यादव और सुशील यादव को गिरफ्तार किया।

नंदग्राम थाने में चार नवंबर को सौरव त्यागी और उसे माल देने वाले वान्या एंटरप्राइजेज के मालिक विशाल उपाध्याय समेत धर्मेंद्र कुमार सिंह, दीपू यादव, सुशील यादव, अंबुज कुमार, शिवाकांत उर्फ शिव, शादाब, संतोष भड़ाना, पप्पन यादव, मेरठ के किठौर थानाक्षेत्र के गांव राधना निवासी आसिफ, सरधना के गांव नानू निवासी वसीम उर्फ नानू, अभिषेक शर्मा, वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल, सुमित राणा, कमल मौर्य और सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।


पुलिस शीघ्र जांच पूरी कर अगले कुछ दिनों में कोर्ट में 12 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर रही है। फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। - पीयूष कुमार सिंह, एडीसीपी क्राइम
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