ओडिशा क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, 62 लाख रुपए की डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में महाराष्ट्र से जालसाज गिरफ्तार
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/cyber_crime_news-1769024868756.webpसांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, अनुगुल। ओड़िशा क्राइम ब्रांच की साइबर पुलिस ने \“डिजिटल अरेस्ट\“ के नाम पर एक व्यक्ति से 62.18 लाख रुपये की बड़ी ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी रमेश आंजना, पुणे का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर जाल में फंसाया
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। घटना 6 जुलाई 2024 की है, जब पीड़ित को मोबाइल नंबर 8172835698 से एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई के तिलकनगर पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताया। जालसाज ने पीड़ित को डराते हुए कहा कि उसके नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। विश्वास दिलाने के लिए ठगों ने पीड़ित के नाम और फोटो वाला एक फर्जी केनरा बैंक का डेबिट कार्ड भी दिखाया।
आरबीआई के नाम पर करवाया ट्रांजैक्शन
ठगों ने पीड़ित को धमकी दी कि यदि वह तुरंत ऑनलाइन पूछताछ (Interrogation) के लिए शामिल नहीं हुआ, तो उसे जेल भेज दिया जाएगा। डर के मारे पीड़ित उनकी बातों में आ गया। इसके बाद जालसाजों ने उसे \“वित्तीय ऑडिट\“ के नाम पर पैसे आरबीआई (RBI) को भेजने का निर्देश दिया। घबराए हुए पीड़ित ने अपने आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक के बचत खाते से ठगों द्वारा दिए गए छह अलग-अलग बैंक खातों में कुल 62,18,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पुणे में छापेमारी कर दबोचा गया आरोपी
क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार महापात्र के निर्देशन में निरीक्षक तपन कुमार प्रधान और उनकी टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस की टीम पुणे पहुंची और रमेश आंजना को गिरफ्तार कर लिया।
ट्रांजिट रिमांड पर ओड़िशा लाया गया
आरोपी को पुणे के वाडगांव स्थित जेएमएफसी कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे ओड़िशा लाया गया है। अब उसे ढेंकानाल की अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) व 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
Pages:
[1]