बरेली कॉलेज के छात्र ध्यान दें: अगर आप भी क्लास शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, तो यह रिपोर्ट जरूर पढ़ें
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/19brc_m_8_19012026_500-1769024406640.webpबरेली कालेज में परीक्षा देते छात्र-छात्राएं
जागरण संवाददाता, बरेली। रुहेलखंड क्षेत्र का सबसे बड़ा बरेली कालेज सिर्फ परीक्षा केंद्र बनकर रह गया है, क्योंकि यहां आए दिन परीक्षाएं ही होती रहती हैं। परीक्षाओं की वजह से करीब डेढ़ महीने से कक्षाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है। अभी स्नातक, परास्नातक और एलएलबी की परीक्षाएं चल रही हैं। दो फरवरी से बीएससी और एमएससी कृषि की परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं।
ऐसे में फरवरी के प्रथम सप्ताह तक कक्षाओं का संचालन होता नजर नहीं आ रहा है। बरेली कालेज को रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से लगभग सभी परीक्षाओं का केंद्र बनाया जाता है। इसमें स्वकेंद्र के साथ पांच से छह दूसरे कालेज के केंद्र भी होते हैं। ऐसे में जब भी कोई परीक्षा होती है तो अधिकांश दो हजार से अधिक छात्र ही परीक्षा में शामिल होते हैं।
परीक्षा के संचालन के लिए परीक्षा भवन, न्यू परीक्षा भवन, वाणिज्य विभाग ब्लाक, बीबीए, बीसीए समेत लगभग अन्य सभी विभाग के कक्षों में बैठाकर छात्रों की परीक्षा कराई जाती है। इसकी वजह से कक्षाओं के संचालन के लिए जगह ही नहीं बचती है। इसके अलावा कोई भी बड़ी प्रतियोगिता जिले में होती है तो भी बरेली कालेज को केंद्र बनाया जाता है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की 6 दिसंबर से स्नातक विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हुईं। उस दौरान से कक्षाओं का संचालन बंद हुआ। कुछ दिनों तक परास्नातक की कक्षाएं चलीं लेकिन उसके बाद उन्हें भी बंद कर दिया। 10 जनवरी से स्नातक प्रथम सेमेस्टर की और 13 जनवरी से एलएलबी और 20 जनवरी से परास्नातक की परीक्षा शुरू हुई।
इसी तरह से लगातार परीक्षाओं का संचालन हो रहा है और कक्षाएं बंद चल रही हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों की मिड टर्म और प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी हो रही हैं। आने वाले दिनों में 2 फरवरी से बीएससी और एमएससी कृषि की परीक्षाएं शुरू होंगी, इसके लिए भी बरेली कालेज को केंद्र बनाया गया है।
लगातार परीक्षाओं से शिक्षक भी परेशान
पहले वार्षिक प्रणाली के तहत साल में कम ही परीक्षाएं होती थीं लेकिन अब सेमेस्टर प्रणाली के तहत किसी न किसी पाठ्यक्रम की परीक्षा होती रहती है। इसके अलावा मिड टर्म और प्रैक्टिकल की परीक्षा होती है। लगातार परीक्षा से शिक्षक भी परेशान रहते हैं और ड्यूटी करने से कतराते हैं। छुट्टियों के समय भी परीक्षाओं का शिक्षक भी विरोध करते हैं। दो दिन पहले परीक्षा ड्यूटी में गायब होने पर 42 शिक्षकों काे नोटिस जारी हुआ था तो शिक्षकों ने प्राचार्य से ड्यूटी के संबंध में शिकायत की थी।
परीक्षा की वजह से सभी कक्ष घिर जाते हैं। इसलिए कक्षाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है। जब भी समय मिलता है तो कक्षाओं का संचालन किया जाता है।
- प्रो. आलोक खरे, चीफ प्राक्टर
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