क्यों जरूरी है SIR? CEC ने बताई पूरी बात; 12 राज्यों में कार्य है जारी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/SIR-(18)-1769013648709.webpक्यों जरूरी है SIR CEC ने बताई पूरी बात 12 राज्यों में कार्य है जारी (फाइल फोटो)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) पर विपक्षी राजनीतिक दलों के विरोध के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त व अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन सहायता संस्थान ( इंटरनेशनल आइडीईए) के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को वैश्विक मंच से एसआइआर की पैरवी की है। साथ ही लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध मतदाता सूची को जरूरी बताया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह मुद्दा तब उठाया, जब दुनिया के अधिकांश देश मतदाता सूची की गड़बडि़यों की समस्या से जूझ रहे है। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन को उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने शुद्ध मतदाता सूची को लेकर उठाए गए अपने कदमों को साझा करते हुए बताया कि हाल ही में बिहार राज्य में इस प्रक्रिया को अपनाया गया।
पारदर्शिता से तैयार की गई सूची
इस दौरान तैयार की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में किसी न नाम छूटने जाने या गलत जुड़ने पर राजनीतिक दलों से दावे-आपत्तियां भी मांगी गई थी लेकिन एक भी आपत्तियां नहीं मिली। जो यह बताता है कि मतदाता सूची को तैयार करने का काम कितनी पारदर्शिता के साथ किया गया था।
इतना ही नही, बिहार में दो चरणों में एक लाख मतदान केंद्रों पर हुए चुनाव में किसी भी मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान कराने की नौबत नहीं आयी। उन्होंने कहा शुद्ध मतदाता सूची तैयार करने से लेकर चुनाव कराने तक की प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने उच्च स्तर की दक्षता हासिल कर ली है।
सम्मेलन के आने वाले सत्रों में आयोग इसे लेकर दुनिया भर के देशों के सामने एसआइआर और ईवीएम की पारदर्शिता को लेकर एक प्रस्तुति भी देगी। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया के 70 से अधिक देशों के सौ से अधिक चुनावी प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधि, राजदूत, उच्चायुक्त और विशेषज्ञ शामिल है।
12 राज्यों में चल रहा SIR का कार्य
इस दौरान कई प्रमुख देशों ने लोकतंत्र के सामने आने वाली वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में अगले दो दिनों में चुनाव प्रबंधन निकायों के बीच लोकतंत्र और चुनाव पारदर्शिता को मजबूती देने के लिए उच्च स्तरीय बैठक होगी।
सम्मेलन में चुनाव आयुक्त डा सुखबीर सिंह संधु और डा विवेक जोशी भी शामिल रहे। गौरतलब है कि देश में बिहार के बाद 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआइआर का काम चल रहा है। इनमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल व गोवा जैसे राज्य शामिल है।
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