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खाकी पर कोर्ट का शिकंजा: थाना प्रभारी का वेतन रुका, दारोगा जेल में

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अदालत ने कानून की अनदेखी, भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाया।



राज्य ब्यूरो, रांची। कानून के आदेशों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। रांची में अलग-अलग मामलों की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पुलिस महकमे से जुड़े दो मामलों में कड़ा संदेश दिया है। एक ओर फैमिली कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर थाना प्रभारी के वेतन पर रोक लगाई गई है, वहीं दूसरी ओर रिश्वत लेने के आरोप में दारोगा को जमानत देने से इनकार कर दिया गया है।
आदेश का पालन नहीं करने पर सुखदेव थाना प्रभारी के वेतन पर रोक

फैमिली कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर अदालत ने सुखदेव नगर थाना प्रभारी का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। बुधवार को प्रधान न्यायाधीश पवन कुमार की अदालत उक्त आदेश की प्रति रांची के सीनियर एसपी को भेजी है, ताकि वेतन रोकने के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। मामला भरण-पोषण से जुड़ा है।

सुषमा देवी ने अपने पति विनोद कुमार सिंह के खिलाफ वर्ष 2007 में भरण-पोषण की मांग को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। अदालत ने विनोद कुमार सिंह को आदेश दिया था कि वह प्रत्येक माह आवेदिका सुषमा देवी को भरण-पोषण की राशि का भुगतान करें। लेकिन पति ने लंबे समय तक राशि का भुगतान नहीं किया।

भरण-पोषण की राशि नहीं मिलने पर अदालत ने अक्टूबर 2024 में विनोद कुमार सिंह के खिलाफ वारंट जारी किया था। यह वारंट सुखदेव नगर थाना प्रभारी को तामिला (निष्पादन) के लिए भेजा गया, लेकिन अब तक इसका पालन नहीं किया गया। अदालत की ओर से कई बार पत्र भेजकर वारंट की तमिला रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन थाना प्रभारी ने कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की।

कोर्ट ने थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा, लेकिन न तो नोटिस का जवाब दिया गया और न ही कोई रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की। आदेशों की अनदेखी से नाराज होकर अदालत ने थाना प्रभारी का वेतन रोकने का आदेश पारित किया है।
रिश्वत लेने के मामले में दारोगा को नहीं मिली जमानत

एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में रिश्वत लेने के आरोपित बेड़ो थाना के तत्कालीन दारोगा श्याम नंदन पासवान की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने प्रार्थी की जमानत याचिका खारिज कर दी। दारोगा ने 13 जनवरी को जमानत की गुहार लगाते हुए अदालत में याचिका दाखिल की थी।

मामला नौ जनवरी का है, जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने दारोगा श्याम नंदन पासवान को 10 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोप है कि दारोगा ने ट्रक की एमवीआई (मोटर वाहन निरीक्षक) जांच कराने के एवज में ट्रक चालक से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार बेड़ो थाना क्षेत्र में उसकी 12 चक्का ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।

इसके बाद एमवीआई जांच के लिए दारोगा द्वारा लगातार पैसे की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने प्राथमिकी में बताया कि रिश्वत देने से इन्कार करने पर दारोगा बार-बार फोन कर दबाव बना रहा था। इससे परेशान होकर उसने एसीबी से शिकायत की। शिकायत की सत्यता की जांच के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और 10 हजार रुपये लेते समय दारोगा को पकड़ लिया।
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