जानिए, बिहार के इस IAS को, जिन्हें राष्ट्रपति की उपस्थति में मिलेगा बेस्ट इलेक्शन डिस्ट्रिक्ट अवार्ड्स
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/District-Magistrate-of-Purnea-Anshul-Kumar-IAS-officer-and-in-Bihar-1769010478110.webpDistrict Magistrate of Purnea Anshul Kumar IAS officer and in Bihar,
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। District Magistrate of Purnea Anshul Kumar IAS officer and in Bihar : बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2025 के सफल संचालन ( इलेक्शन मैनेजमेंट एंड लाजिस्टिक्स) के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी अंशुल कुमार का चयन निर्वाचन से संबंधित राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च अवार्ड बेस्ट इलेक्शन डिस्ट्रिक्ट अवार्ड्स के लिए हुआ है। गत बिहार विधान सभा आम निर्वाचन में कर्त्तव्यनिष्ठा, दृढ़ता एवं कार्य के प्रति समर्पित रहने तथा नवाचारों को बेहतरीन ढंग से कार्यान्वयन कर बेहतरीन चुनाव प्रबंधन एवं उत्कृष्ट निर्वाचन कार्य के लिए आगामी 25 जनवरी को उन्हें महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की उपस्थिति में सम्मानित किया जाएगा। विदित हो कि इससे पूर्व भी गत 2024 के लोकसभा चुनाव में भी राज्य सरकार द्वारा डीएम अंशुल कुमार को बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिसेज अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया था। उस वक्त वे बांका के जिला निर्वाचन सह जिला पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित थे।
76.61 फीसद वोटिंग के साथ राज्य में तीसरे स्थान पर रहा पूर्णिया
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के नेतृत्व में बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2025 में पूर्णिया जिले में 76.61 फीसद वोटिंग हुई, जिससे यह बिहार के सभी 38 जिलों में तीसरे स्थान पर रहा। पूर्णिया जिले के कसबा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में 81.97 फीसद वोटिंग हुई, जो बिहार राज्य के सभी 243 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में सर्वाधिक वीटीआर वाला विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के रूप में दर्ज हुआ। यह एक उपलब्धि है, जो दिखाती है कि पूर्णिया जिला की उत्कृष्टता सिर्फ औसत दर्जे की नहीं थी बल्कि इसमें राज्य में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल हैं। इसी क्रम में 62-पूर्णिया विधान सभा, जो शहरी निर्वाचन क्षेत्र है, जिसमें 2020 के विधान सभा चुनाव में 59.21 फीसद वोटिंग हुई थी, जिसकी तुलना में 2025 में 80.08 फीसद का मतदान हुआ जो लगभग 21 फीसद की वृद्धि के साथ पुरे बिहार में वीटीआर बढ़ोतरी में पहले स्थान पर रहा। यह बिहार में सबसे बड़ा सकारात्मक बदलाव है। जिससे यह साबित होता है कि शहरी उदासीनता अपरिहार्य नहीं है बल्कि लक्षित प्रबंधन के माध्यम से इसे बदला भी जा सकता है।
चुनाव में महिला सशक्तिकरण का दिखा असर
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में बिहार विधान सभा आम निर्वाचन में पूर्णिया जिले में 84.00 फीसद महिलाओं द्वारा मतदान किया गया, जिससे महिलाओं की भागीदारी में पूरे बिहार राज्य में पूर्णिया जिला का तीसरा स्थान रहा। पूर्णिया जिले के बायसी विधान सभा में 88.89 फीसद महिलाओं द्वारा मतदान किया गया, जो बिहार में चौथे स्थान, अमौर विधान सभा में 88.09 फीसद रहा जो बिहार में पांचवें स्थान एवं कसबा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में 86.11 फीसद मतदान हुआ जो बिहार में नौंवें स्थान पर रहा। इस चुनाव परिणाम से यह साबित हुआ कि महिला सशक्तिकरण पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी द्वारा दृढ़ संकल्पित होकर कार्य किया गया, जो सराहनीय है और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है। जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में पूर्णिया जिले में बिहार विधान सभा आम निर्वाचन का नतीजा ऐसा रहा जो सांख्यिकीय उपलब्धियों को लोकतांत्रिक पुनरूत्थान की एक जीवंत मिसाल में बदल दिया। बिहार विधान सभा आम निर्वाचन ने बेंचमार्क स्थापित किया है। जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के नेतृत्व में एक ऐसा मॉडल बनाया गया और यह दिखाया गया कि प्रशासनिक उत्कृष्टता सबसे मुश्किल हालात में भी लोकतांत्रिक भागीदारी को बदल सकती है। पूर्णिया जिला चुनावी प्रदर्शन में बेहतरीन तरीकों का प्रतीक बन गया, जो पूरे बिहार और उससे बाहर भी इसी तरह के बदलावों के लिए प्रेरित करेगा। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए आगामी 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली में पुरस्कृत किया जायेगा, जो पूर्णिया जिलावासियों के लिए गौरव का क्षण होगा।
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