लुटियंस दिल्ली के रेस्तरां-होटल कारोबारियों को बड़ी राहत, NDMC ने खत्म किया हेल्थ लाइसेंस
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/restaurant-news-1769007569079.webpरेस्तरां की फाइल फोटो। सौजन्य- जागरण ग्राफिक्स
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली को जल्द ही रेस्तरां और होटल चलाने के लिए अनिवार्य हेल्थ लाइसेंस से मुक्ति मिल सकती है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने इसकी शुरुआत कर दी है। अब होटल, रेस्तरां, पेट्रोल पंप, थियेटर, ऑडोटोरियम, सिनेमाघर समेत अन्य ऐसे कार्य जिसके लिए हेल्थ लाइसेंस की जरुरत होती थी वह अब नहीं लेना होगा।
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों पर एनडीएमसी ने हेल्थ लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म करते हुए यह घोषणा की है कि अब जीएसटी या एफएसएसएआई से जिसके पास लाइसेंस होगा वहीं एनडीएमसी का हेल्थ लाइसेंस माना जाएगा।
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि काउंसिल ने सर्वसहमति से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईज आफ डूईंग बिजनेस विजन के तहत हमने यह निर्णय लिया है कि अब एनडीएमसी ने हेल्थ लाइसेंस लेना नहीं होगा। जो भी होटल, रेस्तरां, सिनेमाघर आदि एफएसएसआई या जीएसटी पंजीकरण लेकर आ जाएंगे उन्हें यह माना जाएगा कि एनडीएमसी का भी लाइसेंस प्राप्त है।
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एनडीएमसी इलाके में हर साल कितने लाइसेंस होते हैं जारी?
उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं इससे इंस्पेक्टर राज भी खत्म होगा क्योंकि ऐसी शिकायतें आती थी कि इंस्पेक्टर लाइसेंस के लिए लोगों को परेशान करते हैं। चहल ने बताया कि एनडीएमसी इलाके में 400 के करीब लाइसेंस हर वर्ष जारी होते हैं और हमें डेढ़ करोड़ रुपये सालाना का करीब राजस्व आता है। ऐसे में हमारा जो राजस्व घाटा है उसे हम संपत्तिकर से पूर्ति करेंगे।
एनडीएमसी इलाके में यूनिट एरिया मैथर्ड लागू होने वाला है। ऐसे में जो राजस्व का भुगतान होगा वह संपत्तिकर से भविष्य में लेने की योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे एनडीएमसी लोगों को आमंत्रित करता है कि लोग आए और एनडीएमसी इलाके में होटल, रेस्तरां और अन्य व्यापार करें। हम स्वच्छ क्षेत्र के साथ ही सुविधाजनक सार्वजनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं।
फैक्ट्री लाइसेंस की अनिवार्यता पहले ही हुई थी खत्म
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में भाजपा सरकार आने के बाद लगातार व्यापारी हितेषी निर्णय लिए जा रहे हैं। एमसीडी ने पहले फैक्ट्री लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया था। इसके बाद जनरल ट्रेड लाइसेंस की बाध्यता को खत्म किया। जबकि हेल्थ लाइसेंस में पुलिस की भूमिका को भी दिल्ली सरकार ने समाप्त कर दिया था।
एनडीएमसी ने हेल्थ लाइसेंस तो खत्म कर दिया है, लेकिन लोगों को स्वच्छ वातावरण और शुद्ध खाना मिले इसकी जांच की जिम्मेदारी एनडीएमसी की होगी। कुलजीत चहल ने बताया कि हमारा हेल्थ विभाग समय-समय पर निरीक्षण करेगा कि होटल और रेस्तरां में स्वच्छता और सुरक्षा रहें हम यह सुनिश्चित करेंगे।
अब किसके लिए क्या चाहिए होगा?
व्यवसाय पंजीकरण
मीट शॉप
एफएसएसआई (FSSAI)
पेट्रोल पंप
जीएसटी (GST)
लांड्री
जीएसटी (GST)
रेस्तरां व होटल
एफएसएसआई (FSSAI)
ऑडोटोरियम, कियोस्क, जिम स्पा व सिनेमा
जीएसटी (GST)
यह ऐतिहासिक कार्य हैं। इससे रेस्तरां संचालकों को लाभ होगा। साथ ही रेस्तरां इंडस्ट्री को व्यापार करने में सहूलियत होगी। पहले लाइसेंस लेने के लिए रेस्तरां संचालकों को काफी परेशानी होती थी अब एनडीएमसी से हेल्थ लाइसेंस खत्म होने से व्यापारी परेशान नहीं होंगे।
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- राहुल डबास, संचालक, थेमिस रेस्तरां, कनॉट प्लेस
यह स्वागतयोग्य कदम। हेल्थ लाइसेंस पहले प्रताड़ित करने का जरिया था। यह लेना खत्म कर दिया तो व्यापारियों खास तौर पर रेस्तरां और होटला इंडस्ट्री के लिए यह बहुत ही बड़ा सुविधा देने वाला निर्णय है।
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-विक्रम बधवार, महासचिव, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन
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