बड़ा खतरा! पंचकूला में टांगरी नदी को प्रदूषित कर रहे स्क्रीनिंग प्लांट, नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/dd8-1769006354146.webpपर्यावरणीय नियमों और गाइडलाइंस की खुलेआम अनदेखी करते हुए गंदा पानी सीधे नदी में छोड़ा जा रहा।
संजय पारवाला, रायपुररानी। टांगरी नदी एक बार फिर प्रदूषण की मार झेल रही है। नदी किनारे स्थापित कई स्क्रीनिंग प्लांटों ने पर्यावरणीय नियमों और गाइडलाइंस की खुलेआम अनदेखी करते हुए गंदा पानी सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि जलीय जीवों और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए भी खतरा बढ़ता जा रहा है।
पर्यावरण नियमों के अनुसार स्क्रीनिंग प्लांटों में निर्माण सामग्री की धुलाई के लिए बने होदों (टैंक) में पानी को बार-बार उपयोग में लिया जाना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य यह है कि गंदा और सिल्ट युक्त पानी बिना ट्रीटमेंट नदी या अन्य जल स्रोतों में न पहुंचे। लेकिन मौके पर स्थिति इसके ठीक उलट नजर आ रही है। कई प्लांटों में पानी की होदियां बंद पड़ी हैं और उनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।
जांच में यह भी सामने आया है कि ज्यादात्तर स्क्रीनिंग प्लांट जमीन से साफ पानी निकालकर उसे केवल स्क्रीनिंग प्रक्रिया से गुजारते हुए सीधे टांगरी नदी में बहा रहे हैं। इससे नदी में लगातार गाद और दलदल जमा हो रहा है, जिससे पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां नदी का पानी साफ दिखाई देता था, अब वहां कीचड़ और गंदगी का अंबार लगा है। ग्रामीणों के अनुसार संबंधित विभागों की समय पर निगरानी नहीं होने के कारण स्क्रीनिंग प्लांट संचालक नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
नदी के आसपास रहने वाले लोगों को आशंका है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में टांगरी नदी पूरी तरह प्रदूषित हो सकती है, जिसका सीधा असर खेती, पशुपालन और भूजल पर पड़ेगा।
तकनीकी जांच कराई जाएगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए रायपुररानी क्षेत्र के आठ स्क्रीनिंग प्लांटों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
बोर्ड की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जल्द ही मौके पर तकनीकी जांच कराई जाएगी, ताकि प्रदूषण के स्तर और नियमों के उल्लंघन की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
फिलहाल प्रदूषण बोर्ड की कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि टांगरी नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। लोगों का कहना है कि सिर्फ नोटिस ही नहीं, बल्कि निरंतर निगरानी और कठोर कार्रवाई ही नदी को बचा सकती है।
नोटिस देकर जवाब मांगा गया
इप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर सुधीर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आई है। इसी आधार पर आठ स्क्रीनिंग प्लांटों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड की टीम अन्य स्क्रीनिंग प्लांटों की भी जांच करेगी और जहां भी नियमों की अनदेखी पाई जाएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले स्क्रीनिंग प्लांटों को सील किया जाएगा।
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