भोपाल में NRAI पर आर्म्स एक्ट का शिकंजा, बिना लाइसेंस एंट्री बेचे कारतूस
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/FIR-2154156-1768995168055.webpपुलिस ने दर्ज की एफआईआर (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल पुलिस ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के खिलाफ आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। भारत में निशानेबाजी खेल को बढ़ावा देने वाली शीर्ष संस्था पर आरोप है कि उसने भोपाल में आयोजित एक प्रतियोगिता के दौरान नियमों की अनदेखी करते हुए अंतरराष्ट्रीय और नामी शूटर्स को कारतूस तो उपलब्ध कराए, लेकिन उनकी प्रविष्टि संबंधित शूटर्स के शस्त्र लाइसेंस में दर्ज नहीं की।
यह मामला उस समय सामने आया जब पुलिस की संयुक्त जांच टीम ने प्रतियोगिता में शामिल प्रसिद्ध शूटर्स के हथियारों और दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया। जांच में पाया गया कि शूटर असलम परवेज और सुलेम अली खान ने प्रतियोगिता के दौरान जितने कारतूसों का उपयोग किया, वह उनके लाइसेंस में दर्ज संख्या से कहीं अधिक था।
पूछताछ के दौरान शूटर्स ने बताया कि अतिरिक्त कारतूस उन्हें शूटिंग रेंज पर ही नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। यहीं से पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।
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नियमों की उड़ाई गई धज्जियां
आर्म्स एक्ट के तहत कारतूस विक्रय के मामलों में NRAI की भूमिका एक ‘डीलर’ के समान मानी जाती है। नियमानुसार, किसी भी शूटर को कारतूस दिए जाने पर उसकी विधिवत एंट्री शस्त्र लाइसेंस में दर्ज करना अनिवार्य होता है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि NRAI ने कई शूटर्स को बिना लाइसेंस प्रविष्टि के कारतूस उपलब्ध कराए, जो कानून और सुरक्षा दोनों दृष्टि से गंभीर लापरवाही है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ प्रकरण
संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(बी)(1) और धारा 30 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि पूर्व में आयोजित अन्य प्रतियोगिताओं में भी इस तरह कितने कारतूसों का रिकॉर्ड छिपाया गया।
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