Chikheang Publish time 1 hour(s) ago

मुंगेर : भाइयों ने नहीं निभाया कर्तव्य तो बहन बोली मैं हू ना, बेटी ने दी पिता और चाचा को मुखाग्नि

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/MUNGER-daughter-performed-the-last-rites-for-her-father-and-uncle-1768995255972.webp

मुंगेर : शोक संतप्त स्वजन



संवाद सहयोगी, संग्रामपुर (मुंगेर)। टेटिया बंबर थाना क्षेत्र के खपरा गांव में जमीन के एक छोटे से टुकड़े ने दो सगे भाइयों की जान ले ली। 20 जनवरी की सुबह लगभग ढाई फीट जमीन को लेकर सहोदर भाई शैलेश कुमार और मुकेश कुमार के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच चाकूबाजी हो गई। इस हृदयविदारक घटना में शैलेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मुकेश कुमार ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।

घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। मंगलवार को दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। पिता और चाचा को मुखाग्नि देने की जिम्मेदारी आठ वर्षीय मासूम आरुषि को निभानी पड़ी। बच्ची के कांपते हाथों से दी गई मुखाग्नि ने मौजूद लोगों का कलेजा छलनी कर दिया।

घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। दोनों घरों में चूल्हा नहीं जला है। शैलेश कुमार की पत्नी सविता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही सवाल कर रही हैं कि आखिर कुछ इंच जमीन के लिए उनका सुहाग क्यों उजड़ गया। वहीं, स्वजन का कहना है कि अगर समय रहते समझौता हो जाता तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। गांव में इस बात की भी चर्चा है कि शैलेश और मुकेश का एक और भाई दिल्ली में रहता है, जो घटना से दो दिन पहले ही गांव आया था।

[*]मामला जमीन के लिए दो भाइयों की मौत की
[*]48 घंटे बाद भी थाना को नहीं दिया गया है आवेदन
[*]हर एंगल से मामले की जांच कर रही पुलिस


हैरानी की बात यह रही कि न तो वह घटना के समय मौजूद था और न ही अंतिम संस्कार के दौरान दिखाई दिया। इसे लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इधर, घटना के इतने समय बीत जाने के बावजूद अब तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। पुलिस परिजनों के आवेदन का इंतजार कर रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखी जा रही है। टेटिया बंबर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार केहरी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।

आवेदन मिलते ही विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल खपरा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि जमीन के मामूली विवाद ने एक ही परिवार के दो चिराग बुझा दिए। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि छोटे-छोटे विवाद अगर समय रहते नहीं सुलझाए गए, तो उनका अंजाम कितना भयावह हो सकता है।
मूल घर असरगंज, खपरा ननिहाल

शैलेश कुमार के पिता स्व. राजेंद्र सिंह का पैतृक गांव असरगंज प्रखंड के चाफा गांव है। जहां उनकी जमीन-जायदाद भी है। राजेंद्र सिंह के चार पुत्र थे। बड़े पुत्र अशोक की शादी बेलहर प्रखंड के गढ़ी गांव में, मदन मोहन की शादी ददरीजाला में, मुकेश की झिकुलिया में तथा शैलेश की शादी डाला गांव में हुई थी। पिता का ससुराल खपरा गांव है, तड़का (भूमि) ससुराल में मिला था, इस कारण वह खपरा में बस गए थे।
Pages: [1]
View full version: मुंगेर : भाइयों ने नहीं निभाया कर्तव्य तो बहन बोली मैं हू ना, बेटी ने दी पिता और चाचा को मुखाग्नि

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com