मंडी-कुल्लू आपदा पीड़ितों के लिए अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने पहुंचाई राहत, किया क्षतिग्रस्त स्कूल को गोद लेने का वादा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/Bhumi-Pednekar-News-1768995199772.webpमंडी–कुल्लू के आपदा प्रभावितों की मदद को आगे आईं अभिनेत्री भूमि पेडनेकर (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, मंडी। मंडी और कुल्लू जिलों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की मदद के लिए बालीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर आगे आई हैं। अभिनेत्री ने भारत आपदा राहत फाउंडेशन (बीडीआरएफ) एनजीओ के माध्यम से मंडी जिले के सराज और सुंदरनगर तथा कुल्लू जिले के बंजार क्षेत्र में 400 से अधिक आपदा प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध करवाई है।
इनमें कंबल, सोलर पैनल लाइट और स्कूली बच्चों के लिए स्वेटर शामिल हैं। गत वर्ष बरसात के दौरान मंडी और कुल्लू जिलों में आई प्राकृतिक आपदा में भारी जानमाल का नुकसान हुआ था। जगह-जगह भूस्खलन, बाढ़ और मकानों के ढहने से सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए थे। इस दौरान सामने आई तस्वीरें और वीडियो देखकर भूमि पेडनेकर ने प्रभावितों की मदद करने का भरोसा दिलाया था।
बल्ह उपमंडल के निखिल सैनी, यश गुप्ता व अन्य युवाओं द्वारा आपदा के समय किए गए राहत कार्यों को देखते हुए भूमि पेडनेकर ने उनसे संपर्क साधा और प्रभावित परिवारों की सूची मंगवाई। सूची मिलने के बाद भूमि पेडनेकर ने बीडीआरएफ एनजीओ के सदस्यों को मंडी भेजा। स्थानीय स्तर पर राहत सामग्री खरीदकर सराज, सुंदरनगर और बंजार क्षेत्र के प्रभावितों तक पहुंचाई गई। नागरिक अस्पताल बंजार के प्रबंधन को भी कंबल दिए गए हैं।
राहत सामग्री मिलने से ठंड के मौसम में लोगों को काफी सहारा मिला है। इसके साथ ही अभिनेत्री ने आपदा से सबसे अधिक प्रभावित एक सरकारी स्कूल को गोद लेने का भी वादा किया है, ताकि स्कूल की मरम्मत और बच्चों की पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था की जा सके। कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल की नोहांडा पंचायत के झनियार गांव में गत माह हुए भीषण अग्निकांड के पीड़ितों के लिए भी मदद पहुंचाई गई।
यहां आग से 16 मकान, चार पशुशालाएं और दो मंदिर जलकर राख हो गए थे। आग से करीब 4.20 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत सामग्री झूले रोपवे के माध्यम से गांव तक पहुंचाई गई, जिसमें कंबल, स्वेटर और तीन सोलर पैनल लाइट शामिल हैं। भूमि पेडनेकर इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर के आपदा प्रभावितों की सहायता कर चुकी हैं। हिमाचल में की गई उनकी इस पहल की स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सराहना की है।
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