शिमला-मनाली जा रहे हैं तो संभलें! हिमाचल में कल भारी स्नोफॉल का अलर्ट, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/himachal_weather_news-1768961462272.webpशिमला-मनाली में कल स्नोफॉल का अलर्ट (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, शिमला। प्रदेश की चोटियों बारालाचा, कुंजुम और रोहतांग में मंगलवार को हल्का हिमपात हुआ। वहीं शिमला सहित कुछ स्थानों पर दोपहर बाद हल्के बादल छाए। रिकांगपिओ में 35 और बजौरा में 33 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली।
बिलासपुर के बरठीं, हमीरपुर और मंडी में शीतलहर चली। मौसम विभाग ने 22 से 24 जनवरी तक 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने और भारी हिमपात व वर्षा का आरेंज तथा यलो अलर्ट जारी किया है। 21 जनवरी को मौसम साफ रहेगा। 22 जनवरी की रात से 24 जनवरी की सुबह तक व्यापक वर्षा और हिमपात की चेतावनी जारी की है। इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की गई है।
कल से होगा पश्चिमी विभोग सक्रिय
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 23 जनवरी को चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहुल स्पीति के ऊपरी क्षेत्रों में भारी हिमपात का आरेंज अलर्ट है। 23 जनवरी को नालदेहरा, मनाली, शिमला, कुफरी, नारकंडा व सोलंग वैली में भी हिमपात की संभावना जताई गई है। इससे दिन के तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा में भारी वर्षा का यलो अलर्ट है।
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ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी में ठंडा दिन रहने का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 26 और 27 जनवरी को भारी हिमपात व वर्षा की संभावना है। न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस का अंतर आया है।
कुछ स्थानों पर वृद्धि तो कुछ में गिरावट आई है। नाहन में 3.1, हमीरपुर में 2.5, नाहन में 2.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जबकि धर्मशाला और ऊना में तीन-तीन डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है।
कितना रहा तापमान?
प्रदेश में सबसे कम तापमान ताबो में माइनस 10, कुकुमसेरी में माइनस 6.9, कल्पा में माइनस 3.2, रिकांगपिओ में माइनस 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
नेरी में सबसे अधिक 2.1, मनाली में 1.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। 22 से 24 जनवरी के दौरान भारी हिमपात के कारण सड़कों पर वाहनों के फिसलने व दृश्यता कम होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा कमजोर भवनों को आंशिक नुकसान हो सकता है। यातायात सहित बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।
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