cy520520 Publish time 2 hour(s) ago

हनुमान चालीसा का पाठ और मां वाग्देवी की स्तुति, छोटा पड़ा भोजशाला का आंगन; आठ हजार पुलिसकर्मी तैनात

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/jagran-photo-1768959954562.webp

हनुमान चालीसा का पाठ और मां वाग्देवी की स्तुति, छोटा पड़ा भोजशाला का आंगन (फोटो- जेएनएन)



जेएनएन, धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में 25 जनवरी को बसंत पंचमी के आयोजन को लेकर हिंदू समाज में उत्साह है। भोजशाला में मंगलवार को पूजा-अर्चना के रूप में नियमित \“सत्याग्रह\“ में लोगों की संख्या अधिक होने से भोजशाला का परिसर छोटा पड़ गया।

श्रद्धालुओं ने भीतरी परिसर व बाहर मुख्य द्वार के सामने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ और मां वाग्देवी की स्तुति की। इस दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। भोजशाला परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

उल्लेखनीय है कि यह बसंत पंचमी से पूर्व का अंतिम मंगलवार था। अब अगला सत्याग्रह 27 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। भोजशाला को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। यहां करीब आठ हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारी भी मौजूद हैं।

भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए मेडिकल टीम और बचाव दल भी तैनात हैं।
यह है विवाद और एएसआइ का आदेश

बता दें कि ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर बनाम मौला दरगाह-मस्जिद का विवाद सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। हिंदू पक्ष का दावा है कि 11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर एवं एक संस्कृत महाविद्यालय के रूप में स्थापित किया था।

1305 ईसवी में अलाउद्दीन खिलजी ने यहां हमला किया था। बाद में 1401-1514 के बीच दिलावर खान गौरी और महमूद खिलजी ने मंदिर के हिस्सों को तोड़कर वहां मस्जिद का निर्माण करा दिया। वहीं, मुस्लिम पक्ष के लोग यहां कमाल मौला की दरगाह और मस्जिद सदियों पुरानी बता रहे हैं।

ऐसे में, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के सात अप्रैल 2003 के आदेश के अनुसार, भोजशाला में प्रत्येक मंगलवार को हिंदू समाज को पूजा की अनुमति है, जबकि प्रत्येक शुक्रवार को मुस्लिम समाज को दोपहर में नमाज की अनुमति है।

वर्ष में एक बार बसंत पंचमी पर हिंदू समाज को सुबह से शाम तक पूजा करने की अनुमति प्रदान की जाती है। विवाद की स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है। उस दिन हिंदुओं की ओर से नमाज पर रोक लगाकर बसंत पंचमी पूजा के लिए पूरे दिन की विशेष अनुमति की मांग की जाती है।
Pages: [1]
View full version: हनुमान चालीसा का पाठ और मां वाग्देवी की स्तुति, छोटा पड़ा भोजशाला का आंगन; आठ हजार पुलिसकर्मी तैनात

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com