कुशाग्र हत्याकांड में 134 दिनों की सुनवाई, 650 पन्नों की चार्जशीट के साथ पेश किए गए 14 गवाह
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/kushagra-murder-case-1768930041387.webpजागरण संवाददाता, कानपुर। कुशाग्र हत्याकांड में 134 दिन सुनवाई हुई। अभियोजन की तरफ से 14 गवाह पेश किए गए। 42 कागजात और 112 वस्तुएं बतौर साक्ष्य अदालत में पेश की गईं।
पुलिस ने 650 पेज की चार्जशीट लगाई। मां ने कपड़ों की शिनाख्त की थी। रचिता की स्कूटर को भी कोर्ट लाया गया था। आखिर में तीनों आरोपित दोषी साबित हुए।
जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप अवस्थी और सहायक शासकीय अधिवक्ता भास्कर मिश्र ने बताया कि घटना का संज्ञान चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) की कोर्ट ने 29 जनवरी 2024 को लिया था। सत्र न्यायालय में नौ फरवरी 2024 को मुकदमा सुनवाई के लिए गया था।
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अदालत में तीनों पर तीन मई 2024 को आरोप तय हुए थे। 14 गवाहों में चार जनता के, वादी, कुशाग्र की मां, चाचा के बयान कराए गए थे। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के प्रभारी, मोबाइल कंपनियों के दो नोडल अफसरों और डाक्टर के साथ ही पुलिसकर्मियों की गवाही हुई थी।
240 पेज की जिरह पेश की गई। वादी के अधिवक्ता कमलेश पाठक ने बताया कि उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई तेजी करने का आदेश दिया था। इसलिए कोर्ट ने तेजी से विचारण पूरा किया। इस मुकदमे की सुनवाई 134 दिन की गई। अब 22 जनवरी को सभी लोगों का अदालत के फैसले का इंतजार है।
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