बिहार में बीते 18 साल में खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल, धान-गेहूं की उत्पादकता दोगुनी, मक्का तिगुनी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/wheat_crop-1768935055192.webpसांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बिहार ने खाद्यान्न उत्पादन में रिकार्ड बढ़ोतरी दर्ज की है। बीते 18 वर्षों में धान और गेहूं की उत्पादकता बढ़कर दोगुनी तथा मक्का की उत्पादकता करीब तिगुनी हो गई है।
सरकार का दावा है कि इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ लोगों के पोषण स्तर में भी सुधार हुआ है।ऐसा कृषि रोड-मैप के जरिये किए गए प्रयासों से संभव हुआ है। इस वर्ष उत्पादन और उत्पादकता में और अधिक वृद्धि के लिए कृषि विभाग विशेष पहल कर रहा है।
वर्ष 2007-08 में चावल की उत्पादकता 12.37 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 29.70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है। इस प्रकार चावल की औसत उत्पादकता दोगुनी से भी अधिक हो गई है। इसी अवधि में चावल का औसत उत्पादन 42.66 लाख टन से बढ़कर 99.34 लाख मीट्रिक टन हो गया है।
कृषि रोड-मैप से पहले की अवधि (2003-04 से 2007-08 के दौरान) गेहूं की औसत उत्पादकता 18.29 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी, जो कि 2017-18 से 2024-25 के दौरान बढ़कर 33.44 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है। इसी अवधि के दौरान गेहूं का औसत उत्पादन 37.97 लाख टन से बढ़कर 78.26 लाख टन हो गया है।
मक्का का उत्पादन बेजोड़
मक्का उत्पादन में बिहार अग्रणी राज्यों में सम्मिलित है। वर्ष 2003-04 से 2007-08 के दौरान मक्का की औसत उत्पादकता 25.04 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी, जो वर्ष 2017-18 से 2024-25 के दौरान बढ़कर 69.13 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है।
इसी अवधि में मक्का का औसत उत्पादन 15.97 लाख टन से बढ़कर 66.03 लाख टन हो गया है। बिहार वर्ष 2015-16 और 2017-18 में मक्का के क्षेत्र में उल्लेखनीय उत्पादन के लिए देश का कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त कर चुका है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह देश का सबसे बड़ा मक्का उत्पादक राज्य बन गया था।
Pages:
[1]