ग्रीनलैंड पर ट्रंप के दावे के बीच अमेरिका को मिला रूस का साथ, लावरोव ने बताया औपनिवेशिक विरासत
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/putin-trump-R-1768933845067.webpअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ग्रीनलैंड के मुद्दे पर रूस ने संकेत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कदम का समर्थन किया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि ग्रीनलैंड प्राकृतिक रूप से डेनमार्क का हिस्सा नहीं है। उपनिवेश काल से इस इलाके के स्वामित्व को लेकर समस्या बनी हुई है।
विदित हो कि ट्रंप ने सुरक्षा के दृष्टिगत ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल किए जाने की आवश्यकता जताई है। ग्रीनलैंड, डेनमार्क और उनके यूरोपीय सहयोगी देश इसके लिए तैयार नहीं है। फ्रांस, ब्रिटेन सहित कई देशों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए सांकेतिक रूप से वहां पर अपने सैनिक भी भेज दिए हैं। जबकि ट्रंप ने विरोध करने वाले यूरोपीय देशों के माल पर आयात शुल्क (टैरिफ) बढ़ाने की घोषणा की है।
ग्रीनलैंड को लेकर रूस का ताजा बयान तब आया है जब ट्रंप इस पर रूस और चीन के कब्जे की आशंका जताते हुए अमेरिका के पूर्ण नियंत्रण की जरूरत बता चुके हैं।
मॉस्को में प्रेस कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने कहा कि रूस को ग्रीनलैंड में कोई रुचि नहीं है। इस बात को वॉशिंगटन भी जानता है। लेकिन वास्तविकता यह है कि ग्रीनलैंड प्राकृतिक रूप से डेनमार्क का हिस्सा नहीं है। इसी प्रकार से यह द्वीप नार्वे का भी हिस्सा नहीं है। यह उपनिवेश काल से ही विवादित इलाका रहा है।
लावरोव ने कहा, वह दिन ज्यादा दूर नहीं जब ब्रिटेन को ग्रेट ब्रिटेन कहा जाना बंद हो जाएगा। विदित हो कि ब्रिटेन विश्व का इकलौता देश है जिसके नाम के आगे ग्रेट (महान) जुड़ा हुआ है। रूसी विदेश मंत्री ने यह बात उपनिवेश काल के अवशेषों के खात्मे की चर्चा के बीच कही है।
(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)
Pages:
[1]