दहेज हत्या के मामले में पति, सास-ससुर और जेठ-जेठानी को आजीवन कारावास, कोर्ट ने सुनाई सजा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/C-449-1-LKO1092-423304-1768928918747-1768928925983.webpसंवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। दहेज हत्या के मामले में आरोपित पति, सास-ससुर व जेठ-जेठानी पर दोषसिद्ध करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के विशेष न्यायाधीश रामविलास सिंह ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
टांडा के फूलपुर गांव के प्रमोद मांझी का विवाह मुहल्ला मुबारकपुर की रिंकी के साथ हुआ था। शादी के बाद से दहेज में मोटर साइकिल की मांग को लेकर ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। 24 जुलाई 2022 की रात्रि में विवाहिता को पति, ससुर प्रेमचंद्र मांझी, सास इंद्रवती, जेठ कृष्णदत्त उर्फ़ फागू मांझी व जेठानी चंदा देवी ने केरोसिन डालकर जला दिया था। इलाज के दौरान विवाहिता की मौत हो गई थी।
विवाहिता की मां गीता देवी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के उपरांत पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय पर प्रेषित किया। न्यायालय पर सत्र परीक्षण के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फ़ौजदारी सुभाषचंद्र वर्मा ने गवाहों को न्यायालय पर परीक्षित कराते हुए आरोपितों को सजा दिए जाने का तर्क प्रस्तुत किया। सुनवाई के उपरांत न्यायाधीश ने पति, सास-ससुर व जेठ-जेठानी पर हत्या के आरोप में दोष सिद्ध करते हुए सश्रम आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।
मौत से पहले लगाया था आरोप
मौत से पहले विवाहिता रिंकी ने अपने बयान में बताया था कि शादी को छह वर्ष हो चुके हैं। मेरी दो पुत्रियां हैं। पति व ससुरालीजन हमेशा कम दहेज को लेकर प्रताड़ित करते हैं। इसी के चलते गर्दन दबाकर गिरा दिया और भी डंडे से मारापीटा। इसके बाद घर में रखा केरोसिन डालकर आग लगा दिया था। घटना में सभी आरोपितों काे शामिल होना बताया था। इसके बाद पुलिस ने अन्य लोगों का बयान दर्ज किया था।
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