मिथिला पेंटिंग का बड़ा अवसर, डिजिटल मंच से खुला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/Mithila-painting-1768914051866.webpमिथिला ग्राम नाबार्ड रुलर मार्ट कलाकार के साथ डीडीसी व डीडीएम। जागरण
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने मिथिला ग्राम नाबार्ड रुलर मार्ट का मंगलवार को अवलोकन किया। डीडीसी ने मिथिला पेंटिंग कलाकारों एवं समूह के सदस्यों से रूबरू होते हुए कलाकारों एवं मार्ट की सराहना की।
उन्होंने कहा कि मिथिला पेंटिंग जिले की सांस्कृतिक पहचान ही नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका का सशक्त माध्यम भी बन चुकी है। मार्ट को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने, आनलाइन बिक्री बढ़ाने तथा ब्रांडिंग के लिए एमबीए एक्सपर्ट से प्रशिक्षण दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल मार्केटिंग से कलाकारों को सीधे बाजार मिलेगा और उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी। मिथिला परंपरा के अनुसार कलाकारों ने पाग व शाल पहनाकर स्वागत किया।
डीडीएम नाबार्ड अभिनव कृष्ण ने बताया कि नाबार्ड के ग्राम्य विकास निधि योजना अंतर्गत अनमोल उपहार सेवा फाउंडेशन द्वारा 30 प्रतिभागियों को 60 दिवसीय मिथिला पेंटिंग की प्रशिक्षण वर्ष 2022 में दी गयी थी। तत्पश्चात कलाकारों की उत्पाद की विपणन हेतु रुरल मार्ट की स्थापना हेतु नाबार्ड द्वारा सहायता प्रदान की गई थी।
समूह के सदस्य एवं कलाकार मधु ठाकुर, प्रेरणा कुमारी, मुस्कान, गायत्री कुमारी, रजनी कुमारी, सौम्या सुमन, माधवी कुमारी, गुड़िया कुमारी ने बताया कि प्रशिक्षण से पहले उन्हें पेंटिंग की बुनियादी जानकारी भी नहीं थी। अब वे सूट, दुपट्टा, साड़ी, बेडशीट, शाल, पाग, पर्स और फाइल सहित विभिन्न उत्पादों पर मिथिला पेंटिंग कर रही हैं।
उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री मार्ट, अन्य राज्यों तथा राष्ट्रीय स्तर के नाबार्ड मेलों के माध्यम से हो रही है। जिससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। मौके पर संस्था के सचिव ललित कुमार, देव कुमार, प्रिया कुमारी, निशु कुमारी, सोहानी कुमारी, निशु कुमारी आदि उपस्थित रहे।
Pages:
[1]