सीक्रेट एंट्री, 50 पैकेट मैगी और बासमती चावल...12,000 फीट पर आतंकियों ने बनाया था बंकर, मिले ये सामान
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षा बल लगातार तीसरे दिन भी आतंकियों की तलाश में जुटे हुए हैं। इसी बीच जवानों ने आतंकियों के एक ठिकाने को खोज निकाला। इसमें भारी मात्रा में राशन और सामान जमा था। किश्तवाड़ इलाके के ऊंचे और बर्फीले पहाड़ों में आतंकियों ने लंबे समय तक छिपने की पूरी तैयारी कर रखी थी। ये आतंकी पाकिस्तान समर्थित संगठन जैश ए मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) से जुड़े थे। उन्होंने करीब 12,000 फीट की ऊंचाई पर एक मजबूत बंकर बनाया था, जो कारगिल जैसे इलाकों में दिखने वाले ठिकानों की तरह था। यह बंकर महीनों तक उन्हें ठंड और सुरक्षा बलों से बचाता रहा। आखिरकार सोमवार को सुरक्षाबलों ने इस ठिकाने को ढूंढकर तबाह कर दिया है।बकंर में मिले 50 पैकेट मैगी और बासमती चावल...
जब सुरक्षा बलों ने इस बंकर की तलाशी ली, तो वहां से ऐसा सामान मिला जिससे साफ हो गया कि आतंकी सर्दियों में लंबे समय तक रहने की योजना बनाकर आए थे। बंकर के अंदर खाने-पीने का भरपूर इंतजाम था। वहां से करीब 50 मैगी के पैकेट मिले, साथ ही टमाटर और आलू जैसी ताज़ी सब्ज़ियां भी बरामद हुईं। इसके अलावा 15 तरह के मसाले, लगभग 20 किलो अच्छी क्वालिटी का बासमती चावल और दूसरे अनाज भी मिले। इतना ही नहीं, खाना पकाने के लिए गैस सिलेंडर और सूखी लकड़ी भी मौजूद थी, ताकि कड़ाके की ठंड में भी खाना बनाया जा सके। बरामद सामान से यह साफ होता है कि आतंकी महीनों तक उसी जगह छिपकर रहने की तैयारी में थे।
संबंधित खबरें
Mohammed Shami: मोहम्मद शमी SIR सुनवाई के लिए कोलकाता में हुए पेश, चुनाव अधिकारियों ने क्रिकेटर को भेजा था नोटिस अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 5:27 PM
आवारा कुत्तों के मामले में मेनका गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, जानें क्यों किया कसाब का जिक्र अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 5:22 PM
पंजाब की AAP सरकार को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने Punjab Kesari अखबार को दी अंतरिम राहत अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 4:45 PM
मुठभेड़ में एक जवान हुआ शहीद
माना जाता है कि इस कारगिल जैसे मज़बूत बंकर का इस्तेमाल पाकिस्तान के जैश संगठन के कमांडर सैफुल्लाह और उसके डिप्टी आदिल करते थे। ये दोनों Jaish-e-Mohammed से जुड़े हुए थे। यह बंकर पत्थर की मोटी दीवारों से बना हुआ था और इसे इस तरह तैयार किया गया था कि मुठभेड़ के समय आतंकी खुद को सुरक्षित रख सकें। रविवार दोपहर जब सेना के जवान इस इलाके के पास पहुंचे, तो वहां छिपे आतंकियों ने उन पर अचानक ग्रेनेड फेंक दिए। इस हमले में सात सैनिक घायल हो गए। इसके बाद आतंकी मौके से भागने में सफल हो गए। हमले में घायल हुए सैनिकों में गजेन्द्र सिंह भी शामिल थे। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी शहादत से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
स्थानीय मदद की भी बात आई सामने
वहीं इस ठिकाने के सामने आने से यह साफ हो गया है कि आतंकियों को स्थानीय स्तर पर मदद मिल रही थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बिना स्थानीय सपोर्ट के इतने मज़बूत बंकर का निर्माण करना आसान नहीं था। इस बंकर में कई एंट्री पॉइंट बनाए गए थे, ताकि जरूरत पड़ने पर आतंकी आसानी से आ-जा सकें। इसके अलावा, सर्दियों के लंबे समय तक टिके रहने के लिए भारी मात्रा में राशन और खाने-पीने का सामान जमा करना भी स्थानीय मदद के बिना संभव नहीं था।
सोमवार को इस कारगिल-स्टाइल के मज़बूत बंकर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई श्रीनगर से जुड़े सुरक्षा ऑपरेशन का हिस्सा थी। यह बंकर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ इलाके के ऊंचे, दुर्गम और बर्फीले पहाड़ों में बना हुआ था।
गा।
Pages:
[1]