Chikheang Publish time 1 hour(s) ago

Noida Engineer Death: हादसे के पांच दिन बाद भी पानी में फंसी है युवराज की कार, इन सवालों के घेरे में प्रशासन

नोएडा में बीते दिनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। ग्रेटर नोएडा में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की प्रशासन की नाकामी के चलते नाले में गिरने से मौत हो गई। वहीं लोगों मे इस हादसे को लेकर गुस्सा है और कार्रवाई की मांग भी उठ रही है। शुक्रवार रात युवराज कीकार एक पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी।घटना को पांच दिन बीत जाने के बावजूद कार अब तक पानी में डूबी हुई है। कार निकालने में हो रही देरी को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता और सवाल बढ़ते जा रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरी सावधानी के साथ कार्रवाई की जा रही है।



हादसे के पांच बाद भी नहीं निकाली गई कार



बता दें कि बीते शुक्रवार रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की ग्रैंड विटारा कार एक पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। वह गुरुग्राम स्थित अपने ऑफिस से लौटकर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में टाटा यूरेका पार्क स्थित अपने घर जा रहे थे। हादसे के बाद युवराज ने मदद के लिए कई बार आवाज लगाई। उनके पिता राजकुमार मेहता भी मौके पर मौजूद थे और काफी देर तक बचाव की कोशिश चलती रही, लेकिन अफसोस की बात है कि इंजीनियर को बचाया नहीं जा सका और उनकी डूबने से मौत हो गई।




संबंधित खबरें
भारत में पैसा लगा सकता है चीन, अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट, सरकार भी पॉलिसी में बदलाव पर कर रही मंथन! अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 3:28 PM
इनकार की सजा तेजाब? शादी में मिली 14 साल की लड़की पर फोटोग्राफर ने किया एसिड अटैक! अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 2:14 PM
BMC Mayor Row: \“एकनाथ शिंदे के साथ कोई मतभेद नहीं...\“: देवेंद्र फडणवीस ने बताया कब होगा मुंबई मेयर के नाम का ऐलान अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 2:18 PM

प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप



पानी का स्तर ज्यादा होने की वजह से कार पलट गई और तैरने लगी। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता किसी तरह गाड़ी से बाहर निकल आए और उन्होंने अपने पिता राज कुमार मेहता को फोन कर हादसे की जानकारी दी। पिता ने तुरंत डायल-112 पर कॉल की और मौके पर पहुंच गए। इस दुखद घटना के बाद मामला सियासी रंग भी लेने लगा है। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने नोएडा जिला प्रशासन और जिलाधिकारी मेधा रुपम के तहत आने वाली आपदा प्रबंधन एजेंसियों की कथित नाकामी पर सवाल उठाए हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है।



आप नेता ने मांगा इस्तीफा



अपने पहले ट्वीट में सौरभ भारद्वाज ने नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रुपम से इस्तीफा मांगा। उन्होंने लिखा कि नोएडा के नाले में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत गंभीर लापरवाही को दिखाती है। भारद्वाज के मुताबिक, मौके पर SDRF मौजूद थी, लेकिन समय पर बचाव नहीं किया गया। उनका आरोप है कि युवराज करीब दो घंटे तक मदद के लिए चिल्लाते रहे, जबकि SDRF की टीम ठंडे पानी में उतरने से हिचक रही थी। उन्होंने कहा कि DDMA चेयर के तौर पर डीएम मेधा रूपम को इस खराब आपदा प्रबंधन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और मामले की तुरंत जांच के साथ उनके इस्तीफे की मांग की।



क्या बताया चश्मदीदने



बाद में इस हादसे के चश्मदीद और एक डिलीवरी एजेंट मोहिन्दर ने बताया कि यह हादसा घने कोहरे के बीच रात करीब 12 बजे हुआ था। कार के गड्ढे में गिरने के बाद युवक करीब दो घंटे तक मदद के लिए लगातार चिल्लाता रहा। मौके पर पुलिस, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें मौजूद थीं, लेकिन कोई भी पानी में उतरने को तैयार नहीं हुआ। डिलीवरी एजेंट के मुताबिक, अधिकारी बार-बार कहते रहे कि पानी बहुत ठंडा है या अंदर लोहे की रॉड लगी हैं, इसलिए वे गड्ढे में नहीं जाएंगे, जिससे समय पर मदद नहीं मिल पाई
Pages: [1]
View full version: Noida Engineer Death: हादसे के पांच दिन बाद भी पानी में फंसी है युवराज की कार, इन सवालों के घेरे में प्रशासन

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com