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बिहार में अफसर-जनता संवाद की शुरुआत, सोमवार-शुक्रवार सुनवाई से आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान

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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार की पहल पर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक नई व्यवस्था की सोमवार को विधिवत शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री के सात निश्चय-3 के तहत \“सबका सम्मान-जीवन आसान (ईज आफ लिविंग)\“ के तहत अफसर-जनता संवाद प्रारंभ हो गया। अब प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को राज्य मुख्यालय से लेकर प्रखंड तक जन-सुनवाई होगी। जिसमें अफसर-जनता से सीधे संवाद करेंगे।

सोमवार 19 जनवरी, अफसर-जनता संवाद का पहला दिन। सचिवालय स्थित विभिन्न विभागों के बाहर लोग पहुंचने लगे थे। किसी के हाथ में फाइल थी, किसी के पास जमीन से जुड़ा कागज। जो यहां आए हैं इनकी समस्याएं भी अलग-अलग हैं। कोई स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी समस्या लेकर आया है तो कोई भूमि विवाद का समाधान चाहता है, किसी के पेंशन का मामला है।

समस्या पुरानी या नई हो, इससे फर्क नहीं पड़ रहा। यहां मौजूद अफसर बिना किसी औपचारिक दूरी, सीधे लोगों से बातचीत करते नजर आए। हालांकि, सुनवाई का पहला दिन होने की वजह से यहां अपेक्षाकृत कम फरियादी आए। कई विभागों में अधिकारी फरियादियों का इंतजार करते रहे।

विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार गृह विभाग में करीब दो दर्जन और स्वास्थ्य विभाग में लगभग दर्जन भर मामले ही आए। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले सप्ताह में शिकायतों के आने का सिलसिला बढ़ेगा। बहरहाल, पहले दिन की सुनवाई में अधिकारियों के बर्ताव में नरमी दिखी। बातों का लहजा भी बेहद नरम। आप पहले बैठिए, घबराने की जरूरत नहीं है। पूरी बात आराम से बताइए, आज आपकी शिकायत जरूर दर्ज होगी। इतनी सी बात पर ही फरियादी के चेहरे पर सुकून दिखा। अफसर न तो ऊंची आवाज में थे, न ही जल्दबाजी में। हर शिकायत को ध्यान से सुना जा रहा था।

अफसर ये भी कहते सुने गए कि आपकी समस्या हमारी जिम्मेदारी है। बहरहाल, पहले दिन भले ही कम मामले आए हों, परंतु जनता के मन में अफसरों के प्रति एक विश्वास जगा है। उम्मीदें बनी हैं कि यहां आएंगे तो काम होगा। आज से शुरू यह सिलसिला अब सप्ताह में दो दिन चलेगा। सरकार की कोशिश है कि लोगों को समस्या का त्वरित समाधान मिले। मामूली शिकायत के लिए उन्हें विभाग का चक्कर-दर-चक्कर नहीं लगाना पड़े।

सोमवार से शुरू जन-संवाद कार्यक्रम से पहले सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय की तरफ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी विभागों और जिला स्तरीय कार्यालयों के संबंधित अफसरों को इस कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से संचालित करने को लेकर एक प्रशिक्षण दिया गया। खासतौर से तैयार वेब पोर्टल पर एसएसएस डाट बिहार डाट जीओवी डाट इन पर अपना निबंधन कराने से लेकर अन्य सभी जरूरी विवरण को अपलोड करने की जानकारी दी गई। संबंधित तारीख में कितने शिकायतकर्ता आए और इनकी शिकायत किस पदाधिकारी ने सुनी, इसका पूरा विवरण आनलाइन दर्ज किया जाएगा। बाद में इन शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति भी दर्ज करने का प्रविधान है।
गृह विभाग में सचिव ने सुनी शिकायतें, भूमि विवाद के मामले अधिक

जन-संवाद के पहले दिन सोमवार को गृह विभाग में दो दर्जन से अधिक लोग अपनी शिकायत लेकर सरदार पटेल भवन पहुंचे। गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इसमें सबसे अधिक मामले भूमि विवाद से जुड़े थे। शिकायत सुनने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निष्पादन का निर्देश दिया गया। गृह विभाग में हर सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक तथा शुक्रवार को दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक का समय जन -संवाद के लिए तय किया गया है। गृह विभाग की विशेष सचिव के. सुहिता अनुपम ने भी अग्रतर जन-संवाद के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं, ताकि इस दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्वास्थ्य विभाग में आयुष्मान समेत अन्य शिकायतें लेकर आए लोग

स्वास्थ्य विभाग ने जन-संवाद के पहले दिन करीब दर्जन भर शिकायतें सुनी। स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह ने विकास भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में निर्धारित समय पर फरियादियों से मुलाकात की। किसी ने आयुष्मान कार्ड नहीं बनने, किसी ने चिकित्सा की स्वीकृति में विलंब तो किसी ने प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की कमी और दवाओं की अनुपलब्धता की शिकायत दर्ज कराई। इन समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। यदि कहीं किसी तरह की कमी की शिकायत आ रही है तो उसका तत्काल मौके पर समाधान करने का हमारा प्रयास रहेगा।
सभी नगर निकाय नियमित करें सुनवाई, आदेश जारी

नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगर निकायों को आदेश जारी कर सोमवार और शुक्रवार को नियमित जन-संवाद का निर्देश दिया है। इस दौरान आने वाली जनता के लिए पेयजल, शौचालय आदि का इंतजाम दुरुस्त रखने को कहा गया है। जनता की शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई, इसका क्या समाधान निकाला गया, इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई है। सोमवार को विभागीय मुख्यालय में भी अधिकारी जनता की शिकायतें सुनने के लिए बैठे रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को जारी किया सुनवाई का आदेश

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों के पदाधिकारियों को सप्ताह में सोमवार और शुक्रवार को जनता की समस्याएं सुनने निर्देश जारी किया है। स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह ने सोमवार को आइजीआइएमएस सहित सभी कार्यालय प्रमुख को पत्र जारी किया है। पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दोनों दिन वे अपने कार्यालय कक्ष में लोगों की शिकायतें-समस्याएं वह सुनेंगे और उसका निदान सुनिश्चित करेंगे।
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