CM नीतीश के आशिक हैं केसी; दुरदुराया जाना अच्छा नहीं लगा, RJD के सीनियर लीडर ने बताई खास बातें
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/Nitish-and-KC-Tyagi-1768065602797.jpgनीतीश कुमार एवं केसी त्यागी। फाइल फोटो
डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar News: बिहार के सीएम नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की पैरोकारी कर जनता दल युनाइटेड (JDU) के सीनियर लीडर रहे केसी त्यागी अलग-थलग पड़ गए हैं।
ऐसे में राजद के सीनियर लीडर शिवानंद तिवारी ने उनके प्रति संवेदना जताई है। सोशल मीडिया पोस्ट पर उन्होंने एक समय नीतीश कुमार के साथ उनकी करीबी की चर्चा भी की है।
शिवानंद तिवारी ने लिखा है, केसी त्यागी नीतीश जी के आशिक हैं, लेकिन यह एक तरफा मोहब्बत की तरह है। एक वक़्त था जब नीतीश कुमार की बात केसी के ही मुंह से निकला करती थी।
पत्रकारों को कोई संशय होता था तो वे केसी को ही फोन लगाते थे। दोस्त परस्त हैं केसी। सन 77 से ही हमलोगों की मुलाकात है।
तिवारी ने आगे लिखा है, संसद के केंद्रीय हॉल में केसी कभी अकेले नहीं दिखाई देते थे। उनकी शेरों शायरी और पुराने क़िस्सों को सुनने के लिए दो चार लोग तो ज़रूर उनको घेरे रहते थे। सुनाने का उनका अंदाज भी ख़ास होता था।
हम दोनों एक-दूसरे के प्रशंसक हैं, लेकिन नीतीश कुमार भी तो ख़ास ढाँचे में बने हुए हैं। हमको पार्टी से निकालना हुआ तो उसकी चिट्ठी केसी से ही निकलवाई।
बचपन में कहावत सुनते थे, जो तेज होता था, अच्छा लिखता बोलता था तो वैसों के लिए एक मुहावरे का इस्तेमाल होता था- \“कलम तोड़ स्याही\“ पी जाना, ताकि दूसरा कोई वैसा नहीं लिख पाए।
याद है एक मर्तबा केसी ने नीतीश जी के लिए कहा था “जैसे हवा को कोई मुट्ठी में बंद नहीं कर सकता, जैसे फूलों की सुगंध को कोई फैलने से नहीं रोक सकता, वैसे ही नीतीश कुमार के सुशासन और उनके विचारों की गूंज को बिहार की सीमाओं में कैद नहीं किया जा सकता।“
मैंने इसको नोट कर लिया था। यह उन दिनों की बात है जब नीतीश कुमार की क़ाबिलियत प्रधानमंत्री के रूप में दर्शाई जा रही थी।
इसलिए केसी के उस लाजवाब कसीदे पर ताली बजी थी, लेकिन भारत रत्न वाली बात हज़म नहीं हुई। पता नहीं क्यों आज के दिन नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की बात केसी ने क्यों उठाई ?
कहीं नीतीश जी को भारत रत्न का पात्र बता कर केसी त्यागी ने उन पर व्यंग्य तो नहीं किया है ! यह तो वही बता सकते हैं, लेकिन केसी के लिए जिस दुरदुराने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया वह मुझे अच्छा नहीं लगा।
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