Chikheang Publish time The day before yesterday 21:56

आगरा में 1500 लोगों से 25 करोड़ की ठगी, डिजिटल करेंसी में निवेश पर देते थे मोटे मुनाफे का लालच; कई राज्यों में ठगे

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/Bit-coin-cheating-1768062717323.jpg

साइबर थाना पुलिस की गिरफ्त में गैंग सदस्य।



जासं, आगरा। डिजिटल करेंसी में निवेश का झांसा देकर शहर के डेढ़ हजार लोगों ने 25 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। 12 दिसंबर को एक आरोपित को गिरफ्तार कर पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश किया था। गिरोह के सदस्य दिल्ली, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में भी ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं।

जांच में 50 करोड़ रुपये की ठगी के प्रमाण मिले हैं। पांच सितारा होटलों में सेमिनार कर ये 25 पैसे के क्वाइन को दो साल में एक डाॅलर का होने का झांसा देेकर अपने जाल में फंसाते थे। इनसे जुड़ने वाले लोग कमीशन के लालच में दूसरे लोगों को जोड़ते थे।

साइबर थाना पुलिस ने अजय उर्फ दीपू निवासी गांव अमृतपुर थाना चंडौस अलीगढ़ व वर्तमान में निवासी राधा कृष्ण लेन कौशांबी गाजियाबाद को गिरफ्तार कर 12 दिसंबर को गिरोह का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने गिरोह के सदस्य विजय कुमार निवासी सैनानी विहार तेलीबाग थाना पीजीआई लखनऊ व विनोद कुमार निवासी बिलौचपुरा थाना सिंहावली अहीर बागपत को गिरफ्तार किया।

एडीसीपी आदित्य ने बताया कि विनोद के खिलाफ आगरा में दो व बागपत में छह मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में विनोद व विनय ने बताया कि वर्ष 2021 में एक कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर काम करते थे। जहां उनकी मुलाकात गोपाल से हुई थी। गोपाल ने पूर्व में गिरफ्तार हुए अजय से मुलाकात कराई थी। गिरोह से जुड़कर ठगी की वारदात को अंजाम देने लगे।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि गिरोह के सदस्यों का दुबई आना जाना था। यहां उन्होंने ठगी के रुपयों से रियल एस्टेट प्रापर्टी में करोड़ों का निवेश किया है।

साथ ही पीएलसी अल्टिमा क्रिप्टो में भी निवेश किया है। फरार आरोपित आगरा निवासी नरेंद्र कुमार सिसोदिया व उसके बेटे शुभम सिसोदिया, दिल्ली निवासी गोपाल, बागपत निवासी सचिन स्वामी की तलाश में जुटी है। आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही ठगी के शिकार लोग बड़ी संख्या में साइबर थाने पहुंच गए।


ऐसे करते थे ठगी

एडीसीपी ने बताया कि आरोपितों व उनके साथियों ने मिलकर एक फर्जी कंपनी बनाई। पांच सितारा होटलों में सेमिनार कर नेटवर्क मार्केटिंग की तरह गिरोह लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। प्रत्येक व्यक्ति से 8500 रुपये लेकर उन्हें फर्जी कंपनी में ज्वाइन कराया गया। इसके बाद एएसटी क्वाइन नाम की फर्जी कंपनी का लागिन आइडी और ईमेल दिया गया। नेटवर्क मार्केटिंग की तरह लोग एक-दूसरे को जोड़ते थे।
Pages: [1]
View full version: आगरा में 1500 लोगों से 25 करोड़ की ठगी, डिजिटल करेंसी में निवेश पर देते थे मोटे मुनाफे का लालच; कई राज्यों में ठगे

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com