राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव की तैयारी शुरू, संताल परंपरा का है खास प्रतीक
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/Hijla-Mela-2026-1768058857219.jpgमेले के आयोजन को लेकर डीडीसी अनिकेत सचान की अध्यक्षता में समाहरणालय में बैठक में भाग लेते अधिकारी।
संवाददाता जागरण, दुुमका। Hijla Mela Mahotsav 2026: मयुराक्षी नदी के तट पर लगने वाले राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव का आनंद लेने के लिए अब लोगों को लंबा इंतजार नहीं करना होगा। जिला प्रशासन ने इसकी तिथि कर दी है। शनिवार को प्रशासनिक बैठक के बाद तय हुआ कि मेला 20 फरवरी होकर 27 तक चलेगा।
मेले सफल आयोजन को लेकर उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान ने समाहरणालय सभागार में आयोजन से जुड़े सभी विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि मेला सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
कृषि विभाग को प्रदर्शनी को लेकर आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी उन्नत एवं आधुनिक कृषि तकनीकों पर आधारित होगी, जिससे किसानों को नई कृषि पद्धतियों की जानकारी मिल सके। प्रदर्शनी में विशेष रूप से स्ट्रॉबेरी की खेती को भी शामिल किया जाएगा, ताकि किसानों को वैकल्पिक एवं लाभकारी खेती के प्रति प्रेरित किया जा सके।
मेला परिसर में स्टॉल एवं पंडाल निर्माण कार्य को ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कर लें। सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी तैयारी पूरी करें। जिला खेल पदाधिकारी से कहा कि मेला में होने वाली खेल-कूद प्रतियोगिताओं का विस्तृत कैलेंडर तैयार करें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कला दलों के चयन किया जाए। गठित विभिन्न समितियों को अपने-अपने दायित्वों का ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मेला परिसर की रंगाई-पुताई, साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण कार्य को समय पर पूर्ण करने को कहा।
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला अवधि के दौरान लगातार साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि परिसर स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर बना रहे। इसके लिए पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर कचरा निष्पादन की नियमित व्यवस्था की जाए।
आने वालों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग की समुचित व्यवस्था, मेला परिसर में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। कहा कि मेला परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की जाए। सभी विभागों को निर्देश दिया कि मेला से संबंधित सभी कार्यों को ससमय पूर्ण करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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