लालू लौटे, तेजस्वी भी जल्द आएंगे पटना; कब छोड़ेंगे 10 सर्कुलर रोड आवास? बिहार यात्रा पर निकलेंगे नेता प्रतिपक्ष
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/Lalu-Prasad-1768056047063.jpgपुत्री मीसा भारती के साथ लालू प्रसाद। जागरण
राज्य ब्यूरो, पटना। सिर पर एक और मुकदमे (नौकरी के बदले भूमि मामला) का बोझ लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद दिल्ली से लौट आए हैं।
शनिवार शाम वे सांसद पुत्री डाॅ. मीसा भारती के साथ पटना पहुंचे। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद लालू दिल्ली में मीसा के ही सरकारी बंगले पर स्वास्थ्य लाभ कर रहे थे।
उस दौरान वे मुकदमे के इस नए पचड़े से निकलने के लिए कानूनी सलाह भी लेते रहे और न्यायालय से आरोप-मुक्त किए जाने का आग्रह भी किए।
हालांकि, अपने इस प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली और तीखी टिप्पणियों के साथ सीबीआइ के विशेष न्यायालय ने स्वजनों सहित उनके विरुद्ध आरोप का गठन कर दिया है।
तनकर चलते दिखे लालू प्रसाद
इस मामले में लालू के साथ राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, मीसा भारती, हेमा यादव आदि आरोपित हैं।पत्नी और बच्चों के साथ विदेश का भ्रमण कर लौटे तेजस्वी पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में ही हैं।
एक कारण यह मुकदमा भी था, जिसमें न्यायालय में उपस्थिति आवश्यक थी। अब दिल्ली की व्यस्तता समाप्त हो चुकी है, लिहाजा सपरिवार तेजस्वी भी आजकल में पटना लौट आएंगे।
उसके बाद राजद के संगठन की ढीली चूलें कसने की पहल शुरू होगी। यह भी संभव है कि मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी एक बार फिर बिहार की यात्रा पर निकलें।
इसका उद्देश्य जन-मन को आंकने के साथ चुनावी पराजय से उदास पार्टी-जनों में उत्साह का संचार होगा। उल्लेखनीय है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान ही तेजस्वी विदेश की यात्रा के लिए निकल गए थे।
उसी बीच राबड़ी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस मिला था। पटना हवाईअड्डा पर लालू काली टोपी और काले चश्मे में सीधे तनकर चलते हुए दिखे।
चश्मे का काला रंग आंखों के ऑपरेशन के कारण रहा और टोपी कड़कड़ाती ठंड से बचाव के लिए, लेकिन उनके सीधे तनकर चलने का यह संदेश समझा जा रहा कि संघर्ष की कूवत अभी बाकी है।
वेटनरी कॉलेज के पीछे बनेगा ठिकाना
लालू को लेने के लिए राबड़ी अपने सरकारी बंगले (10, सर्कुलर रोड) के गेट तक लपक आईं। इस बंगले को खाली करने की समय-सीमा बीत चुकी है।
अब तात्कालिक रूप से लालू-राबड़ी का नया ठिकाना वेटनरी कालेज के पीछे हो सकता है, जहां पांच बेडरूम वाले मकान को दुरुस्त किया जा रहा है।
स्थायी ठिकाना फुलवारीशरीफ के महुआबाग में निर्माणाधीन निजी भवन मेंं होगा, जिसके पूर्णतया तैयार होने में अभी वर्ष-डेढ़ वर्ष का समय लग सकता है।
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