अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना: अब 15 लाख तक का इलाज मुफ्त, जानें कैसे मिलेगा लाभ
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/amit123-1768051065048.jpgमुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लिए दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ करते सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी \“मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना\“ को धरातल पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है। साकची स्थित उत्कल एसोसिएशन भवन में आयोजित कोल्हान स्तरीय कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि अब राशन कार्डधारकों को सालाना 15 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने कहा कि जिन परिवारों के पास राशन कार्ड उपलब्ध है, उन्हें अनिवार्य रूप से इस योजना से जोड़ा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिनका कार्ड अब तक नहीं बना है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कार्ड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। रांची से आई तकनीकी टीम (अनुपमा सिंह, बीरेंद्र और श्वेता) ने योजना के लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 15 लाख तक का कवरेज िमिलेगा। प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना पंद्रह लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।
इस योजना के तहत पूर्णतः निश्शुल्क सेवा मिलेगी। इलाज के साथ-साथ अस्पताल में रहना, खाना और दवाइयां भी मुफ्त होंगी। मरीज के भर्ती होने से 3 दिन पहले और अस्पताल से छुट्टी मिलने के 15 दिन बाद तक की जांच और दवा का खर्च योजना के तहत कवर किया जाएगा।
कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के लिए कैसे करें आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए \“अबुआकार्ड\“ बनवाना अनिवार्य है। इसके लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड की आवश्यकता होगी। नागरिक निम्नलिखित केंद्रों पर जाकर अपना कार्ड बनवा सकते हैं:
[*]नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र।
[*]क्षेत्र की स्वास्थ्य सहिया के माध्यम से।
[*]जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान या प्रज्ञा केंद्र।
[*]सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 104 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
[*]कोल्हान के अस्पतालों को किया गया जागरूक
कार्यशाला में कोल्हान प्रमंडल (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां) के सरकारी व निजी अस्पतालों के संचालक और स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन हाकिम प्रधान ने किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों को कार्ड बनाने की प्रक्रिया और क्लेम सेटलमेंट की बारीकियों से अवगत कराना था ताकि मरीजों को इलाज के दौरान किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
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