वाराणसी में मकर संक्रांति पर चाय से होगा श्रद्धालुओं का स्वागत, ठंड से राहत के लिए अलाव का भी इंतजाम
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/C-516-1-VNS1007-571294-1768051178665-1768051189945.jpgमकर संक्रांति पर चाय से होगा श्रद्धालुओं का स्वागत।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत और सेवा के लिए इस बार नगर निगम अनूठी व्यवस्था की है। राजघाट, दशाश्वमेध और अस्सीघाट पर कड़ाके की ठंड के बीच श्रद्धालुओं को गर्मागर्म चाय पिलाई जाएगी। विशेष बात यह है कि इस सेवा कार्य का बोझ सरकारी खजाने पर नहीं पड़ेगा, बल्कि महापौर और नगर निगम के अधिकारी अपने व्यक्तिगत कोष से इसका खर्च वहन करेंगे।
स्मार्ट सिटी सभागार सिगरा में शनिवार को तैयारियों की समीक्षा के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने इस मुहिम की नींव रखी। उन्होंने अपने निजी कोष से 5000 रुपये की सहयोग राशि प्रदान किया। अधिकारियों को इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
महापौर की इस पहल का अधिकारियों ने भी उत्साहपूर्वक समर्थन किया और अपने वेतन व निजी बचत से इस पुनीत कार्य में योगदान देने का संकल्प लिया। बैठक में महापौर ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए निर्देश दिया कि प्रमुख घाटों के साथ-साथ उन रास्तों पर भी भारी संख्या में अलाव जलाए जाएं जहां से श्रद्धालुओं का आगमन होता है।
कहा कि गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं को ठंड से बचाने के लिए घाटों पर अलाव की निरंतरता बनी रहनी चाहिए। महिला श्रद्धालुओं की गरिमा और सुविधा के लिए घाटों पर पर्याप्त अस्थाई चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। काशी आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
इस क्रम में सभी घाटों पर सफाई और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को तैनात किया गया है। महापौर ने कहा कि मकर संक्रांति पर पूरी दुनिया से लोग काशी आते हैं।
हमारा उद्देश्य है कि उन्हें यहां न केवल स्वच्छता मिले, बल्कि काशी की पारंपरिक मेहमाननवाजी और सेवा का भी अनुभव हो। बैठक में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और स्मार्ट सिटी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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