99 एकड़ सरकारी जमीन पर खड़ी धान फसल खेतों में बर्बाद, 70% नष्ट; गोलीबारी के बाद भी नहीं हुई कटनी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/rohtas-dhan-1768045211775.jpgसरकारी जमीन पर खड़ी धान फसल खेतों में बर्बाद
संवाद सूत्र, चेनारी (रोहतास)। थाना क्षेत्र के किनरचोला गांव स्थित बिहार सरकार की लगभग 99 एकड़ विवादित जमीन पर लगी धान की फसल खेतों में ही बर्बाद हो रही है। धान की बालियां खेत में टूटकर गिर चुकी हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल कार्रवाई कर फसल की कटनी करा उसे सुरक्षित कराना चाहिए। ग्रामीणों के अनुसार अब तक करीब 70 प्रतिशत धान की फसल नष्ट हो चुकी है।
धान रोपनी के समय बढ़ा था तनाव
वर्षों से उक्त भूमि पर एक पक्ष खेती करता आ रहा था, लेकिन इस वर्ष बिहार सरकार की लगभग 99 एकड़ भूमि पर दोनों पक्षों ने धान की रोपनी कर दी। जब कटनी के दौरान एक पक्ष के लोग फसल काटने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इस दौरान गोलीबारी की घटना भी हुई थी।
घटना के बाद एसडीएम सासाराम, डीएसपी, अंचलाधिकारी के साथ स्थानीय सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। उस समय तत्कालीन एसडीएम द्वारा दंडाधिकारी बहाल कर फसल कटवाने का निर्देश भी दिया गया था।
लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब तक बिहार सरकार की उक्त भूमि पर खड़ी फसल की कटनी नहीं कराई जा सकी है, जिससे फसल लगातार बर्बाद हो रही है।
पहले रखवाली को हुई थी दो चौकीदारों की तैनाती
पहले फसल की रखवाली के लिए स्थानीय थाना स्तर से दो चौकीदारों की तैनाती की गई थी, लेकिन कुछ दिनों से दोनों चौकीदारों को भी वहां से हटा लिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर रात असामाजिक तत्व खेतों से धान काटकर ले जा रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। दोनों पक्षों के लोग लगातार अंचल कार्यालय और थाना का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
आसपास के गांवों के किसानों ने भी प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पहल कर विवाद का समाधान निकाला जाए और फसल की कटनी कराकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
यह भूमि बिहार सरकार की है और धान की रोपनी के समय से ही दोनों पक्षों को मना किया गया था। अंचल प्रशासन की ओर से मामले में कार्रवाई की जा रही है।- पूजा शर्मा, सीओ, चेनारी
Pages:
[1]