यूपी-बिहार सीमा पर टाइगर का आतंक, बाघ ने एक किशोरी को बनाया शिकार; मदनपुर वन क्षेत्र में बढ़ाई गई चौकसी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/Tiger-Attack-1768045358162.jpgबाघ ने किशोरी को बनाया शिकार। (जागरण)
संवाद सहयोगी, बगहा। वीटीआर (वाल्मीकि टाइगर रिजर्व) से सटे उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन क्षेत्र में शुक्रवार को एक बाघ द्वारा एक बच्ची को शिकार बनाए जाने की घटना के बाद बिहार के मदनपुर वन क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
घटना को गंभीरता से लेते हुए मदनपुर वन क्षेत्र के वन कर्मियों द्वारा अपने इलाके में चौकसी तेज कर दी गई है। साथ ही जंगल से सटे गांवों में माइकिंग व अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
मदनपुर वन क्षेत्र पदाधिकारी नसीम अंसारी ने बताया कि यूपी का सोहगीबरवा जंगल वीटीआर के जंगल से सटा हुआ है। ऐसे में जंगली जानवरों के एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आने-जाने की पूरी संभावना रहती है।
बाघ कब और किस इलाके में भ्रमण करेगा, यह स्पष्ट नहीं होता। इसी आशंका को देखते हुए वन कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। जंगल के आसपास बसे गांवों में लोगों को हिदायत दी जा रही है कि कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल की ओर न जाए। खेती-बारी करने वाले किसान भी खेतों में काम करने के लिए समूह में जाएं।
उन्होंने बताया कि यूपी में हुई घटना के बाद वहां की पुलिस और वन विभाग पूरी तरह चौकस है। इसी क्रम में यह आशंका जताई जा रही है कि उक्त बाघ बिहार के वीटीआर क्षेत्र की ओर भी आ सकता है। इसे लेकर मदनपुर वन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
शुक्रवार को महराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन क्षेत्र अंतर्गत मदरसा टोला के सोहगीबरवा निवासी उमेश चौधरी की 14 वर्षीय पुत्री गुड्डी कुमारी पास के जंगल में लकड़ी या अन्य सामग्री चुनने गई थी। इसी दौरान बाघ ने उस पर हमला कर उसे मार डाला।
लोगों में दहशत का माहौल
शनिवार को बच्ची का शव जंगल से बरामद होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया। घटना की सूचना मिलते ही यूपी के प्रशासनिक व वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को अपने कब्जे में लिया गया।
बच्ची की मौत से क्षेत्र के लोगों में भय व्याप्त है। इधर बिहार के सीमावर्ती गांवों में भी लोग सतर्कता बरत रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन सावधानी जरूर बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
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