झारखंड में मतदाता सूची मैपिंग के 70 प्रतिशत कार्य पूरे, शहरी क्षेत्रों पर विशेष जोर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/Jharkhand-meeting-SIR-1768036536543.jpgझारखंड में मतदाता सूची मैपिंग का कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में विगत गहन पुनरीक्षण (वर्ष 2003) की मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्र के मतदाताओं का विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची का मैपिंग कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे।
समीक्षा बैठक में दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी शनिवार को निर्वाचन सदन से राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रगति, चुनौतियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
सरकारी कार्यालयों में कैंप लगाने पर जोर
के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि सरकारी कार्यालयों में विशेष कैंप लगाकर सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को मैपिंग प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित किया जाए। इससे अधिक से अधिक लोगों को मतदाता सूची मैपिंग में सहायता मिल सकेगी और कार्य की गति भी तेज होगी।
बाहर से आए मतदाताओं की अलग सूची तैयार करने का निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि राज्य के बाहर से आए मतदाताओं को उनके संबंधित राज्य के विगत गहन पुनरीक्षण वाली मतदाता सूची से मैपिंग करते हुए एक अलग रजिस्टर में सूचीबद्ध किया जाए।
साथ ही एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ एवं डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची का डिजिटलीकरण भी अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि आगामी गहन पुनरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
बीएलओ स्टीकर और हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार
उन्होंने बताया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा विशेष स्टीकर जारी किए गए हैं, जिन पर संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ का नाम, मतदान केंद्र संख्या, विधानसभा क्षेत्र और मोबाइल नंबर मोहर के रूप में अंकित किया जाना है।
इन स्टीकरों को संबंधित बीएलओ के मतदान क्षेत्र में प्रमुख स्थानों पर लगाया जाए, ताकि आम लोग आसानी से अपने बीएलओ से संपर्क कर सकें। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी 1950 टॉलफ्री नंबर और ‘बुक ए कॉल’ फीचर का भी व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
गलत मैपिंग से बचने के लिए आठ चेकपॉइंट
के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची मैपिंग के दौरान आठ निर्धारित चेकपॉइंट का विशेष ध्यान रखा जाए। गलत मैपिंग होने से गहन पुनरीक्षण के समय गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए अधिकारियों को स्वयं निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी।
मतदाता पहचान पत्र की गुणवत्ता सुधार पर फोकस
उन्होंने बीएलओ को मोबाइल फोन से मतदाताओं की स्पष्ट फोटो खींचकर बीएलओ ऐप में अपडेट करने के लिए प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया। इससे मतदाता पहचान पत्र की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
इसके अलावा 28 जनवरी से 6 फरवरी के बीच मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट-2 का प्रशिक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पुनरीक्षण के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में तत्परता जरूरी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि अन्य राज्यों में चल रहे गहन पुनरीक्षण के क्रम में दस्तावेज सत्यापन का कार्य लगातार जारी है। संबंधित राज्य से प्राप्त दस्तावेजों का सत्यापन उसी दिन किया जाए। इसके लिए अवकाश के दिनों में भी रोस्टर ड्यूटी की व्यवस्था करने तथा गलत दस्तावेज पाए जाने पर तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में बोकारो जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अजय नाथ झा, नोडल पदाधिकारी प्रशिक्षण देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
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