ओवर स्पीड वालों की खैर नहीं! एक्सप्रेसवे पर स्पीड कैमरों को चकमा देने वालों पर अब इंटरसेप्टर की पैनी नजर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/yamuna-expressway-speed-1768034852485.jpgसांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे पर अधिकांश वाहन चालक स्पीड रडार नापने वाले कैमरों को देखते ही वाहन की गति धीमी कर लेते हैं। फूड कोर्ट औेर ढाबों पर रुक कर समय व्यतीत करके एक्सप्रेसवे की दूरी निर्धारित से अधिक घंटे में पूरी करते हैं। कैमरों को चकमा देने वाले वाहनों पर इंटरसेप्टर नजर रखेंगी।
आरटीओ को चार इंटरसेप्टर मिली हैं, जिन्हें एक्सप्रेसवे और हाईवे पर अलग-अलग जगहों पर तैनात किया जाएगा। निर्धारित से अधिक गति वाले वाहनों का चालान करेंगी। शुक्रवार को सिकंदरा के अरतौनी स्थित प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र (एडीटीसी) पर अधिकारियों को इंटरसेप्टर के प्रयोग करने के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 10 जिलों के अधिकारी शामिल हुए।
आगरा आरटीओ को मिलीं चार इंटरसेप्टर, हाईवे और एक्सप्रेसवे पर होंगी तैनात
देश के सर्वाधिक हादसे वाले 100 शहराें में आगरा भी शामिल है। वर्ष 2025 में आगरा में 1350 से अधिक हादसों में 700 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। प्रदेश सरकार द्वारा आगरा को दुर्घटना में मृत्यु शून्य जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हादसों में होने वाली मौतों के कारणों पर हुए अध्ययन में जो तथ्य सामने आए उनमें रोड इंजीनियरिंग में कमी, गोल्डन आवर में घायलों को उपचार नहीं मिलना एवं प्रवर्तन की कमी प्रमुख हैं।
मथुरा में हुआ था बड़ा हादसा
प्रवर्तन में हादसों के दो बड़े कारण, ओवर स्पीड और नशे में वाहन चलाना। मथुरा के बल्देव में 16 दिसंबर की सुबह कोहरे के चलते भीषण हादसे में भी गति प्रमुख कारण था। शून्य द़ृश्यता के बावजूद एक ट्रैवल एजेंसी की बस 80 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ रही थी।
अरतौनी स्थित एडीटीसी पर आयोजित प्रशिक्षण में शामिल हुए 10 जिलों के अधिकारी
शासन द्वारा एक से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह चलाया जा रहा है। आरटीओ द्वारा ओवरलोड वाहनों, बिना हेलमेट व सीट बेल्ट वाहन चालकों, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने वाले ढाई हजार वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। तीन महीने के दौरान ओवरस्पीड में 2200 से अधिक चालान किए हैं। परिवहन आयुक्त द्वारा आगरा को चार इंटरसेप्टर वाहन दिए गए हैं।
आरटीओ प्रवर्तन ने दी जानकारी
आरटीओ प्रवर्तन अखिलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा लखनऊ व यमुना एक्सप्रेसवे पर इंटरसेप्टर तैनात किए जाएंगे। एडीटीसी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरटीओ प्रशासन अरुण कुमार, एआरटीओ विनय कुमार, आलोक अग्रवाल, सतेंद्र कुमार एआरटीओ मथुरा, शिवम यादव एआरटीओ मैनपुरी, राजेश वर्मा एआरटीओ झांसी एवं एडीटीसी के निदेशक संजीव प्रजापति व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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