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Ranchi: बच्चों को ढूंढो और पुलिस में नौकरी पाओ! धधक रहा धुर्वा, आज मशाल जुलूस; कल बंद रहेगा पूरा इलाका

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छोटे-बड़े जलाशयों में भी दोनों बच्चों का ढूंढने का प्रयास।



जागरण संवाददाता, रांची। धुर्वा इलाके से लापता हुए दो मासूम भाई-बहन, अंश और अंशिका को खोजने में पुलिस की पूरी मशीनरी नाकाम साबित हो रही है। आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, परिजनों की धड़कनें तेज हो रही हैं और स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है।

शुक्रवार को पुलिस की भारी फौज धुर्वा की गलियों में खाक छानती रही, लेकिन नतीजा सिफर रहा। धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसी बाड़ी, मल्हार कोचा से गायब दोनों बच्चों को ढूंढने के लिए क्षेत्र के कुआं तालाब एवं छोटे-बड़े जलाशयों में भी दोनों बच्चों का ढूंढने का प्रयास कर रही है।
तीन एसपी और कई थानों की फोर्स ने संभाली कमान

मामले की गंभीरता और बढ़ते जनदबाव को देखते हुए शुक्रवार को सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी और ग्रामीण एसपी खुद मोर्चा संभालने धुर्वा पहुंचे। उनके साथ कई थानों के पुलिस पदाधिकारी और भारी संख्या में जवान मौजूद थे।

अधिकारियों की टीम सबसे पहले बच्चों के घर गई और परिजनों से बंद कमरे में लंबी पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने पूरे मोहल्ले का घेराव कर सघन जांच अभियान चलाया। हर घर, हर गली और हर संदिग्ध कोने को खंगाला गया, लेकिन बच्चों का कोई पता नहीं चला।
तालाब, कुएं और आंगनबाड़ी तक पहुंची जांच की आंच

पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए उन तमाम जगहों की तलाशी ली, जहां बच्चों के होने की रत्ती भर भी संभावना हो सकती थी। उस आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका से भी लंबी पूछताछ की गई, जहां दोनों बच्चे रोज जाया करते थे।

इसके अलावा, मोहल्ले के आसपास स्थित सभी तालाबों, पुराने कुओं और पानी से भरे गड्ढों को गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से खंगाला गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ मोहल्ले की असामान्य गतिविधियों पर भी जानकारी जुटाई।

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दादी का रो-रोकर बुरा हाल, मनेर जाएगी पुलिस की टीम

सिटी एसपी ने बच्चों की दादी मीना देवी से अलग से बात की। दादी ने हाथ जोड़कर पुलिस से अपने पोते-पोती की जान की भीख मांगी। पूछताछ के दौरान उन्होंने एक अहम जानकारी दी कि करीब दो साल पहले बिहार के मनेर में रहने वाले एक पड़ोसी से उनका पुराना विवाद चल रहा था।

दादी को शक है कि उसी रंजिश के कारण बच्चों के साथ कोई अनहोनी हुई है। पुलिस ने इस इनपुट को गंभीरता से लिया है और जल्द ही एक विशेष टीम मनेर (बिहार) भेजी जाएगी।
हिरासत में पड़ोसी और डॉग स्क्वायड की दस्तक

जांच के दौरान पुलिस ने डॉग स्क्वायड की भी मदद ली। खोजी कुत्ता बच्चों के घर से निकलकर सीधे पड़ोस में रहने वाले संतु नामक युवक के घर तक जा पहुंचा।

पुलिस ने संतु के घर और उसकी गाड़ी की गहन तलाशी ली। शक के आधार पर संतु को हिरासत में ले लिया गया है और अज्ञात स्थान पर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक उसकी आधिकारिक गिरफ्तारी या संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है।
अनोखा ऑफर: बच्चों का पता बताओ, पुलिस में नौकरी पाओ

शादीमार बाजार के दुकानदारों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने एक बड़ी घोषणा की। अधिकारियों ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों से कहा कि जो भी व्यक्ति अंश और अंशिका के बारे में सटीक जानकारी देगा, उसके परिवार के एक सदस्य को पुलिस विभाग में नौकरी दी जाएगी।

इस घोषणा के बाद बाजार में हलचल बढ़ गई है। एक आलू विक्रेता सूरज ने बताया कि उसने पिछले शुक्रवार को दो बच्चों को संदिग्ध अवस्था में देखा था, लेकिन वह यकीन के साथ नहीं कह पाया कि वे वही बच्चे थे।
तांत्रिकों की मदद और पोस्टर से पटी रांची की दीवारें

आधुनिक पुलिसिंग के साथ-साथ दबाव में आई पुलिस अब तांत्रिकों और ओझाओं से भी संपर्क साध रही है ताकि किसी भी तरह का कोई सिरा हाथ लग सके।

रांची रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौक-चौराहों पर बच्चों की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए गए हैं। पुलिस की पीसीआर वैन और गश्ती गाड़ियों पर भी ये पोस्टर चस्पा हैं, ताकि शहर का हर नागरिक इस खोज अभियान का हिस्सा बन सके।
गमगीन घर और मां की पथराई आंखें

अंश और अंशिका के घर का माहौल कलेजा चीर देने वाला है। मां नीतू अपने सबसे छोटे बेटे अंकुर को सीने से लगाए बस दरवाजे की ओर टकटकी लगाए बैठी रहती हैं।

परिजनों के अनुसार, पिछले आठ दिनों से उन्होंने अन्न का एक दाना भी ठीक से नहीं चखा है। मोहल्ले के लोग भी सहमे हुए हैं। अब कोई भी अपने बच्चों को घर से बाहर अकेले भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
आंदोलन की तैयारी: मशाल जुलूस और धुर्वा बंद का ऐलान

पुलिस की सुस्ती के खिलाफ अब जन आंदोलन शुरू हो गया है। शुक्रवार को नुक्कड़ सभा कर लोगों ने अपना विरोध जताया। शनिवार शाम 4:30 बजे मौसीबाड़ी से एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जो पुराना विधानसभा होते हुए बिरसा चौक तक जाएगा।

वहीं रविवार को \“धुर्वा बंद\“ का आह्वान किया गया है। स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण बंद की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि जब तक बच्चे नहीं मिलते, आंदोलन थमेगा नहीं।
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