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आपस में बात करेंगी गाड़ियां... ऑटोमैटिक ब्रेकिंग से लेकर कैशलेस इलाज तक, क्या है सरकार का पूरा प्लान?

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व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन से लैस होंगे वाहन



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है।

भारत जल्द ही व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन तकनीक को लागू करने जा रहा है, जो सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम करने में मददगार साबित होगी।

इस तकनीक के माध्यम से वाहन एक-दूसरे से सीधे संवाद कर सकेंगे और ड्राईवर को ऑटोमैटिक चेतावनियां मिलेंगी, जिससे सुरक्षा स्तर में सुधार होगा।
क्या है V2V तकनीक?

गडकरी ने बताया कि यह प्रणाली कुछ चुनिंदा देशों में पहले से ही कम कर रही है। इसमें वाहनों को मोबाइल या इंटरनेट नेटवर्क की जरूरत नहीं पड़ती; वे सीधे सुरक्षा अलर्ट का आदान-प्रदान कर सकते हैं।

V2V सिस्टम वाहनों के आगे, पीछे और साइड में प्रभावी ढंग से काम करता है, साथ ही इलाके और सड़क के मोड़ों को ध्यान में रखते हुए छिपे खतरों के बारे में भी बताता है।

इसे एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के साथ कंबाइन किया जाएगा, जिससे इसकी प्रभावशीलता कई गुना बढ़ जाएगी।
कितना आएगा खर्च?

गडकरी ने कहा कि प्रति वाहन इस सिस्टम की अनुमानित लागत 5,000 से 7,000 रुपये होगी। मंत्रालय वर्तमान में मानकों और नियमों को अंतिम रूप दे रहा है।

जल्द ही एक नोटिफिकेशन जारी की जाएगी, जिसके तहत नई गाड़ियों में इसे अनिवार्य रूप से लगाना होगा, जबकि पुरानी गाड़ियों में रेट्रोफिटिंग की व्यवस्था की जाएगी।

कार्यान्वयन को मजबूत बनाने के लिए दूरसंचार विभाग राष्ट्रीय फ्रीक्वेंसी आवंटन योजना के तहत मुफ्त स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराएगा, ताकि वाहन निर्माता और ऑन-बोर्ड यूनिट बनाने वाले बिना अतिरिक्त लागत के इसे तैनात कर सकें। सरकार का लक्ष्य इस साल के भीतर इस तकनीक को पूरी तरह से लागू करना है।
किन-किन योजनाओं पर लगी मुहर?

V2V के अलावा, गडकरी ने दुर्घटना पीड़ितों और सहायकों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा कैशलेस इलाज योजना की शुरुआत का ऐलान किया।

हाल की स्लीपर बस आग घटनाओं को देखते हुए, सितंबर 2025 से केवल मूल निर्माताओं द्वारा बनी बस बॉडी को अनुमति मिलेगी, साथ ही सभी बसों में आग पहचान प्रणाली अनिवार्य होगी।

सार्वजनिक बसों को दिव्यांग-अनुकूल बनाने के लिए हाइड्रोलिक लिफ्ट और व्हीलचेयर एक्सेस जोड़ा जाएगा।
गोल्डन आवर में 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज

सड़क दुर्घटना के पहले एक घंटे (गोल्डन आवर) में जान बचाने के लिए सरकार ने नई योजना शुरू की है। इसके तहत दुर्घटना पीड़ितों को इलाज के लिए तुरंत पैसों की चिंता नहीं करनी होगी।

अस्पताल में ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज दिया जाएगा। यह सुविधा देश के सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी ताकि समय पर इलाज न मिलने से किसी की जान न जाए।
ट्रक ड्राइवरों के लिए AC केबिन

लंबे समय तक ड्राइविंग करने वाले ट्रक ड्राइवरों की थकान कम करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। अक्टूबर 2025 के बाद बनने वाले सभी ट्रकों के केबिन में एयर-कंडीशनिंग (AC) होना अनिवार्य होगा।
ADAS और स्मार्ट टेक्नोलॉजी

भारी वाहनों और यात्री कारों के लिए एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के फीचर्स अनिवार्य किए जा रहे हैं।

1. ऑटोमैटिक ब्रेकिंग

ड्राइवर के ब्रेक न लगाने पर बाधा आने पर गाड़ी खुद ब्रेक लगाएगी।

2. नींद आने पर अलर्ट

अगर ड्राइवर को वाहन चलने के दौरान झपकी आती है या ध्यान भटकता है, तो सेंसर उसे सचेत करेगा।

3. लेन वार्निंग

बिना सिग्नल लेन बदलने पर स्टीयरिंग में वाइब्रेशन या अलार्म के जरिए चेतावनी मिलेगी।
कारों के लिए \“भारत NCAP\“ (क्रैश टेस्ट)

भारत का अपना कार क्रैश टेस्ट प्रोग्राम शुरू हो चुका है। अब कारों की मजबूती को 1 से 5 स्टार की रेटिंग दी जाएगी। 5-स्टार रेटिंग के लिए अब कंपनियों को 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर देना होगा।
नई बाइक के साथ दो ISI हेलमेट अनिवार्य

सरकार ने अब दोपहिया वाहन कंपनियों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया है कि वे हर नए वाहन की बिक्री के साथ दो हेलमेट उपलब्ध कराएंगी। दोनों हेलमेट घटिया नहीं, बल्कि अनिवार्य रूप से ISI मार्क वाले होने चाहिए।
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