cy520520 Publish time 6 day(s) ago

विदेश में नौकरी करने का देखा है सपना? लखनऊ का ये केस सुनकर उड़ जाएंगे आपके होश

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/flight(26)-1767969656474.jpg



जागरण संवाददाता, लखनऊ। विदेश में नौकरी व वर्क वीजा दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप लगाते हुए प्रयागराज निवासी जाबिर हुसैन ने चिनहट थाने में ट्रैवल एजेंसी संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि कई महीनों ने नौ लाख रुपये हड़प लिए। इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि ट्रैवल एजेंसी संचालकों की तलाश की जा रही है।

पीड़ित जाबिर ने बताया कि फेसबुक पर आइसीएम ट्रैवेल सर्विस लखनऊ का विज्ञापन देखा था। लखनऊ पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात नौसाद खान से हुई। एजेंसी की ओर से अजरबैजान के लिए वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया गया। नौ सितंबर 2025 को मेडिकल कराया गया और अलग-अलग चरणों में रुपये जमा कराने को कहा गया।

पीड़ित ने ग्लोबिटी ट्रैवेल सर्विस के खाते में 1.20 लाख रुपये, आठ अक्टूबर 2025 को रंजन कुमार सिंह के खाते में 45 हजार रुपये और 45 हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद उसे वीजा, वर्क परमिट और फ्लाइट टिकट सौंपा गया तथा 12 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया गया। एयरपोर्ट पहुंचने पर टिकट कैंसिल मिलने की जानकारी हुई।

जब पीड़ित लखनऊ के चिनहट स्थित कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला बंद मिला। मकान मालिक ने बताया कि एजेंसी संचालक फरार हो चुके हैं। पीड़ित के मुताबिक उसके अलावा कई अन्य युवकों के साथ भी इसी तरह ठगी की गई है। इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

आजमगढ़ के युवक से भी हुई ठगी

आजमगढ़ के तहबरपुर स्थित सेमरी निवासी पीड़ित वीरेन्द्र कन्नौजिया ने बताया कि वह पहले दो बार विदेश जा चुका है। इसी कारण गांव और परिचितों के कुल 11 लोगों ने उससे विदेश जाने के लिए वीजा और टिकट की व्यवस्था कराने को कहा। इस पर वह 28 मार्च 2025 को लखनऊ के पीजीआइ थाना क्षेत्र स्थित इंटर हेल्प एजेंसी पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात विराज सिंह उर्फ जुनेद अंसारी और असलम नामक व्यक्ति से हुई।

दोनों ने प्रति व्यक्ति 65 हजार रुपये में वीजा और टिकट दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पीड़ित ने साथियों से रुपये एकत्र कर नकद और आनलाइन माध्यम से कुल 9 लाख 99 हजार रुपये एजेंसी को दे दिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब वीजा और टिकट नहीं मिले तो 5 जून 2025 को एजेंसी पहुंचने पर कार्यालय बंद मिला। मकान मालिक ने बताया कि कंपनी यहां से जा चुकी है। पीजीआइ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
Pages: [1]
View full version: विदेश में नौकरी करने का देखा है सपना? लखनऊ का ये केस सुनकर उड़ जाएंगे आपके होश

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com