ISC 12वीं एकाउंट्स के मॉडल पेपर की आंसर की और विशेषज्ञ टीचर के टिप्स
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/student-exam-1767967278058.jpgप्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, मेरठ। काउंसिल फार द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीई) की 2026 बोर्ड परीक्षा में एकाउंट्स का पेपर 20 फरवरी को होगा। परीक्षार्थियों के पास इस पेपर के लिए करीब 40 दिन का समय शेष है।
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परीक्षार्थियों को एकाउंट्स विषय की बेहतर तैयारी के लिए सेंट मेरीज एकेडमी के एकाउंट्स विभागाध्यक्ष हिमांशु ग्रोवर अहम सुझाव दे रहे हैं। इन सुझावों को अमल में लाने के साथ ही परीक्षार्थी माडल पेपर को हल करने का अभ्यास कर अपने उत्तर का मिलान भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा शुरू करने से पहले प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। प्रत्येक प्रश्न के अंक विभाजन को समझते हुए उत्तर लिखें और समय का सही प्रबंधन करें। सभी अनिवार्य प्रश्नों को अवश्य हल करें, क्योंकि इनमें अधिक अंक होते हैं।
सूत्रों का शार्ट फार्म न लिखें
एकाउंट्स परीक्षा में संख्यात्मक प्रश्न (न्यूमेरिकल्स) विशेष महत्व रखते हैं। इसलिए उनके अभ्यास पर अधिक ध्यान देना चाहिए। प्रत्येक संख्यात्मक प्रश्न में पूरा कार्य (वर्किंग नोट) और गणनाएं स्पष्ट रूप से दिखाना जरूरी है। साथ ही वित्तीय विवरण, जर्नल प्रविष्टियां और लेजर पोस्टिंग हमेशा सही एकाउंटिंग फार्मेट में ही लिखें। परीक्षार्थी किसी भी सूत्र या शब्द का संक्षिप्त रूप (शार्ट फार्म) न लिखें। उदाहरण के तौर पर सुपर प्रोफिट, नार्मल प्रोफिट, करंट ऐसेट, करंट लायबिलिटी, रेवेन्यू फ्राम आपरेशंस आदि शब्द पूरे लिखें। इसी प्रकार इंटरेस्ट आन काल्स-इन-ऐरियर, प्रीमियम फार गुडविल, प्रोविजन फार डाउटफुल डेब्ट्स, सिक्योरिटीज प्रीमियम जैसे शब्दों के शार्ट फार्म का प्रयोग न करें। इससे उत्तर की गुणवत्ता और प्रस्तुति बेहतर होती है।
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यहां से डाउनलोड करें एकाउंट्स के माडल पेपर की आंसर-की https://storage.googleapis.com/dev-cms-backend-media/2023-09-11/media/image/1694416257362-7aee3e77-1433-4143-8f65-087da432cf5f.pngACCOUNTS ANSWER KEY.pdf
प्रश्नों की प्रवृत्ति व कठिनाई स्तर को समझें
विद्यार्थी उत्तर लिखते समय महत्वपूर्ण तिथियों, आंकड़ों और एकाउंटिंग स्टैंर्ड्स को स्पष्ट रूप से दर्शाएं। उत्तर लिखने के बाद समय मिलने पर गणनाओं की दोबारा जांच भी जरूर करें। परीक्षा की तैयारी के दौरान पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने से प्रश्नों की प्रकृति और कठिनाई स्तर को समझने में मदद मिलती है।
विशेष रूप से जिन अध्यायों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, उनमें पार्टनरशिप एकाउंट्स (गुडविल और रिवैल्यूएशन सहित), कंपनी एकाउंट्स (डिबेंचरों का निर्गमन और मोचन), फाइनेंशियल स्टेटमेंट एवं रेशियो एनालिसिस, कैश फ्लो स्टेटमेंट, एकाउंटिंग स्टैंडर्स का प्रयोग शामिल हैं।
कल देखें आइएससी-12वीं इंग्लिश लैंग्वेज का पेपर व आंसर-की
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