पाक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, मासूम के प्राइवेट पार्ट को छूने वाले दरिंदे को 20 साल की जेल
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/crime-11-1767962033188.jpgप्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बदायूं। चार साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर उसके प्राइवेट पार्ट को छूने के आरोपी को विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट कक्ष दो के न्यायाधीश नीरज कुमार गर्ग ने बीस-बीस साल की कैद समेत 23 हजार रुपए जुर्माना डाला है। जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति रूप में देने का आदेश दिया है।
अभियाेजन पक्ष के अनुसार 31 जुलाई 2024 को समय करीब दो बजे वादिनी मुकदमा की चार वर्षीय लड़की, पीड़िता घर से बाहर अंबेडकर पार्क के पास खेल रही थी। उसके ही गांव का ओमप्रकाश पार्क के पास से मेरी लड़की को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। मेरे गांव की नन्ही ने मेरी लड़की को जाते हुए देखा। उसने आकर बताया कि तुम्हारी लड़की को प्रकाश अपने घर ले गया है।
लड़की उसको घर से बाहर दिखाई नहीं दी। तब उसने ओमप्रकाश के घर जाकर देखा तो उसकी लड़की पिता के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। उसका कपड़े उतार रहा था। मुझे देख कर अपने दूसरे हाथ से फरसा लिए जान से मारने की धमकी देकर उसे पर वार किया, मगर मैं बच गई। काफी घबरा रही थी। मेरे पति बाहर रहते हैं। घटना की रिपोर्ट थाना मूसा झाग में दर्ज कराई।
न्यायालय में ओमप्रकाश पुत्र रिशी पाल निवासी ग्राम किशनी थाना मूसाझाग पर बच्ची के प्राइवेट पार्ट छूने के आरोप में मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र वर्मा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के पश्चात उक्त आरोप में ओम प्रकाश को दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई है।
यह भी पढ़ें- बदायूं में अनियंत्रित ट्रक ने ली किसान की जान, गुस्साए ग्रामीणों ने घेराबंदी कर चालक को पुलिस को सौंपा
Pages:
[1]