cy520520 Publish time 6 day(s) ago

गजब! 10 डिसमिल में इंद्रदेव ने किया 135 क्विंटल धान का उत्पादन, चंपा ने भी किया चमत्कार

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/Dhaan-1767956675002.jpg

10 डिसमिल में इंद्रदेव ने किया 135 क्विंटल धान का उत्पादन, चंपा ने भी किया चमत्कार (प्रतीकात्मक तस्वीर)



अरविंद कुमार सिंह, जमुई। किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के नाम पर सरकार की आंख में धूल झोंक लूट मची हुई है। इसकी बानगी जमुई में अब तक हुई धान की खरीद में दिख रही है। यहां किसानों से ली गई धान की मात्रा और जोत में भारी अंतर व्यापक गड़बड़ी की पुष्टि कर रहा है।

आलम यह है कि मामूली रकबा वाले किसान के नाम पर बोरियों में भर-भर कर 100 से 200 क्विंटल तक धान की फर्जी खरीद की जा रही है। यही वजह है कि लक्ष्मीपुर प्रखंड अंतर्गत पिडरौन पैक्स के इंद्रदेव ने 10 डिसमिल जमीन में 135 क्विंटल धान उत्पादन का रिकॉर्ड कायम कर दिया।

यहां सिर्फ इंद्रदेव ने ही नहीं, बल्कि चंपा सहित अन्य कई ने भी चमत्कार किया है। चंपा ने 20 डिसमिल जमीन में 75 क्विंटल धान उत्पादन कर दिखाया है। राजकुमार यादव ने भी 75 डिसमिल जमीन में 200 क्विंटल धान उत्पादन कर दिखाया है, लेकिन यह सब कागज पर सहकारिता विभाग तथा सहकारी समितियों का कमाल है।

ऐसा किसी एक पैक्स या प्रखंड में नहीं, बल्कि जिले के अधिकांश पैक्स में हो रहा है। फिलहाल, ऐसे तथ्य लक्ष्मीपुर के पिडरौन, हरला और नजारी, गिद्धौर के पतसंडा और मौरा, चकाई के बामदह, माधोपुर, चकाई और रामचंद्रडीह, खैरा के कागेश्वर, मांगोबंदर, जीत-झिंगोई, चुआं, सदर प्रखंड अंतर्गत मंझवे, झाझा के महापुर, रजलाकला और छापा, सोनो के पैरा मटिहाना सहित जिले के लगभग दो दर्जन पैक्स से निकलकर सामने आया है।

यहां किसानों से खरीद किए गए धान और किसान की जमीन के तुलनात्मक अध्ययन में व्यापक गड़बड़ी परिलक्षित हो रहे हैं। पिडरौन पैक्स में इंद्रदेव यादव के पास कुल जमा 10 डिसमिल जमीन है और उन्होंने 135 क्विंटल धान पैक्स को दिया है।

इसी प्रकार, बालेश्वर यादव की पत्नी चंपा देवी को 20 डिसमिल जमीन है और उनसे 75 क्विंटल धान की खरीद हुई है। 75 डिसमिल जमीन के स्वामी राजकुमार यादव ने भी 200 क्विंटल धान दिया है। इसके अलावा 98 डिसमिल जमीन में हेमा देवी ने भी 98 क्विंटल धान बेचकर मेहनतकश किसानों को अचरज में डाल दिया है।

विद्या देवी को एक एकड़ जमीन में 95 क्विंटल, राजू यादव को एक एकड़ में 100 क्विंटल, परमानंद साह को एक एकड़ में 110 क्विंटल, राधेश्याम को दो एकड़ में 200 क्विंटल, अनूप लाल साह को दो एकड़ में 200 क्विंटल धान उत्पादन होने की पुष्टि पिडरौन पैक्स कर रहा है।
खेल को प्रभावित करता है बाजार मूल्य

फर्जीवाड़े के इस खेल को खुले बाजार में फसल की कीमत प्रभावित करती है। इस वर्ष बाजार में धान की कीमत 1700-1800 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य सामान्य धान के लिए 2369 रुपये निर्धारित हैं। यहीं पैक्स और व्यापार मंडल की लाटरी लग गई है।

समितियों द्वारा खुले बाजार में धान और चावल की खरीद की जाती है और नजदीकी तथा भरोसेमंद किसानों के नाम पर फर्जी रसीद के सहारे धान खरीद दिखा दिया जाता है।

आरटीआई कार्यकर्ता गिरीश सिंह तथा भाकपा माले के बाबू साहब सिंह कहते हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के नाम पर लूट मची हुई है। बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के बीच अंतर की राशि में प्रति क्विंटल 200 रुपये अधिकारी और मिलर के पेट में जा रहा है।

वहीं, इस पूरे मामले पर जमुई के जिला सहकारिता पदाधिकारी हरेंद्र कुमार ने कहा है कि अगर ऐसा हुआ है तो जांच कर कार्रवाई होगी।
Pages: [1]
View full version: गजब! 10 डिसमिल में इंद्रदेव ने किया 135 क्विंटल धान का उत्पादन, चंपा ने भी किया चमत्कार

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com