Sabarimala : सबरीमाला गोल्ड चोरी में SIT का बड़ा एक्शन, मुख्य पुजारी को हिरासत में लिया
सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी (तंत्री) कंदरारू राजीवारू को मंदिर से सोना चोरी होने के मामले में पूछताछ के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने हिरासत में लिया है। यह कदम मंदिर परिसर से कीमती सोने के गहनों के गायब होने की जांच के दौरान उठाया गया। कुछ दिन पहले चोरी की जानकारी सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू हुई थी, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई।SIT ने मंदिर के पुजारी से की पूछताछ
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि कंदरारू राजीवारू से सुबह के समय एक पूछताछ की गई। इसके बाद दोपहर में उन्हें स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के कार्यालय ले जाया गया, जहां उनकी गिरफ्तारी को औपचारिक रूप से दर्ज किया गया। यह कार्रवाई इस मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पद्मकुमार के बयानों के आधार पर की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में सामने आया है कि कंदरारू राजीवारू के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से करीबी संबंध थे।
जांच एजेंसी का कहना है कि राजीवारू ने मंदिर में द्वारपालक (रक्षक देवता) की प्लेट्स और श्रीकोविल के दरवाज़े की प्लेट्स दोबारा लगाने की सलाह दी थी। बताया गया है कि इस मामले में जांच के दौरान राजीवारू से पहले भी पूछताछ की जा चुकी थी।
मंदिर का सोना लूटने का था प्लान
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बता दें कि, केरल के सबसे बड़े मंदिरों में से एक सबरीमाला में गर्भगृह से सोना चुराने का प्लान बनाया गया था। केरल हाईकोर्ट में एसआईटी ने बताया कि आरोपियों का मकसद सिर्फ कुछ सोने की प्लेटें चुराना नहीं था, बल्कि उनकी योजना मंदिर के अन्य पवित्र हिस्सों से भी सोना नोच लेने की थी। धीरे-धीरे पूरा गर्भगृह लूटने का प्लान था। SIT के मुताबिक, पद्मकुमार ने जानबूझकर सोने से मढ़ी हुई प्लेटों को फाइलों में सिर्फ ‘तांबे की प्लेटें’ बताकर पेश किया। यह एक सोची-समझी चाल थी ताकि जब सोना गायब हो, तो रिकॉर्ड में यह दिखे ही नहीं कि वहां सोना था। इस तरह उन्होंने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और अन्य के लिए खजाना लूटने का रास्ता साफ किया।
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