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युवती के सिर में बना नसों का गुच्छा फट गया, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में सर्जरी से बची जान

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ऑपरेशन के बाद युवती के साथ न्यूरो सर्जन डाॅ. अनिंद्य गुप्ता। सौ. कॉलेज



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता और तत्परता से जटिल बीमारी से जूझ रही 26 वर्षीय युवती को नया जीवन दिया है। युवती के सिर में नसों का गुच्छा बन गया था, जिसे चिकित्सकीय भाषा में एन्यूरिज्म कहा जाता है।

इस गंभीर स्थिति के कारण उसे लंबे समय से तेज सिरदर्द की समस्या बनी हुई थी और कई बार वह अचानक बेहोश भी हो जाती थी। हाल ही में उसकी हालत उस समय और बिगड़ गई, जब नसों का गुच्छा फटने से उसे ब्रेन हैमरेज हो गया। अब वह स्वस्थ है और उसे एक-दो दिन में डिस्चार्ज किया जाएगा।

बलिया के बेल्थरा निवासी युवती को ब्रेन हैमरेज होने पर स्वजन उसे लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक पहुंचे। न्यूरो सर्जरी विभाग में दिखाया तो डाक्टरों ने सीटी स्कैन जांच लिखी। रिपोर्ट से पता चला कि युवती के मस्तिष्क में एन्यूरिज्म मौजूद है और उससे जुड़ी नसें फट चुकी हैं।

डाॅक्टरों के अनुसार, यह स्थिति अत्यंत गंभीर थी और थोड़ी भी देरी जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। न्यूरो सर्जन डाॅ. अनिंद्य गुप्ता और डाॅ. विकास की टीम ने जोखिम भरे आपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। डाॅक्टरों ने बताया कि ब्रेन एन्यूरिज्म का ऑपरेशन अत्यंत जटिल होता है, क्योंकि इसमें मस्तिष्क की संवेदनशील नसों के बीच काम करना पड़ता है।

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छोटी सी चूक भी मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है। पूरी सावधानी और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए फटी हुई नसों को क्लिप लगाकर सुरक्षित तरीके से ठीक किया गया। आपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डाॅ. मेहताब और डा. माता प्रसाद का सहयोग रहा। आपरेशन के बाद भी मरीज की हालत गंभीर बनी रही, इसलिए उसे चार दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया।







सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक संचालित होने से गंभीर रोगियों को भी उपचार उपलब्ध होने लगा है। युवती की तबीयत में काफी सुधार हो गया है। अब वह खतरे से बाहर है और सामान्य रूप से बातचीत करने में सक्षम है। उसे अस्पताल से डिस्चार्ज करने की तैयारी की जा रही है।
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-डाॅ. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
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